Life imprisonment to the accused in the 11-year-old boy murder case, a harsh decision passed by the court of the 6th Additional Sessions Judge
उपनिरीक्षक गिरधारी साव की सख्त विवेचना में सजा की हैट्रिक, लगातार तीसरे हत्या के मामले में उम्रकैद का फैसला

रायगढ़ — कोतरारोड थाना क्षेत्र में वर्ष 2023 में हुए बहुचर्चित 11 वर्षीय बालक हत्या मामले में आरोपिया भारती उर्फ उमा चौहान को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। माननीय षष्ठम अपर सत्र न्यायाधीश रायगढ़ श्री अश्विनी कुमार चतुर्वेदी के न्यायालय से पारित हुए इस फैसले को पुलिस की सख्त विवेचना और मजबूत साक्ष्य का परिणाम माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग कुमार पटेल के दिशा-निर्देशन में रायगढ़ पुलिस द्वारा गंभीर अपराधों में दोषियों को कठोरतम सजा दिलाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत प्रत्येक शनिवार को विवेचना और साक्ष्य संग्रहण संबंधी प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की जाती है, जिससे पुलिसकर्मियों को तकनीकी और कानूनी पहलुओं की गहन जानकारी मिल रही है। हालांकि यह मामला प्रशिक्षण पूर्व का है, लेकिन उपनिरीक्षक गिरधारी साव ने अपनी विवेचना में जो सख्ती और सटीकता दिखाई, उसी के परिणामस्वरूप यह फैसला आया। उपनिरीक्षक गिरधारी साव की यह लगातार तीसरी हत्या के मामले में सजा की हैट्रिक है।
घटना 24 मई 2023 की है। चिराईपानी निवासी 11 वर्षीय बालक शाम को खेलने के लिए घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। परिजनों ने रातभर उसकी तलाश की। अगले दिन सुबह गांव की एक महिला ने सूचना दी कि स्कूल परिसर में एक बच्चा घायल अवस्था में पड़ा है। परिजन मौके पर पहुंचे तो देखा कि प्रीतम मृत अवस्था में था।
कोतरारोड पुलिस ने मर्ग क्रमांक 27/2023 दर्ज कर जांच शुरू की। शव परीक्षण रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि बालक की मौत गला दबाने और गर्दन टूटने के कारण हुई है तथा उसकी हत्या की गई है। पुलिस ने तत्काल धारा 302 भादंवि के तहत हत्या का प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की। जांच में यह सामने आया कि चिराईपानी निवासी भारती उर्फ उमा चौहान (19 वर्ष) ने ईंट और लोहे की गुप्ती से हमला कर बालक की हत्या की थी।
पुलिस ने आरोपी युवती को गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध ठोस साक्ष्य और गवाहों के आधार पर चालान न्यायालय में पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान अपर लोक अभियोजक श्री तन्मय बनर्जी ने प्रभावी पैरवी करते हुए सभी साक्ष्य, दस्तावेज और गवाह अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए। न्यायालय ने संपूर्ण सुनवाई, गवाहों के बयान, वैज्ञानिक साक्ष्य और अभियोजन की दलीलों के आधार पर आरोपिया को दोषसिद्ध कर आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग कुमार पटेल के मार्गदर्शन में रायगढ़ पुलिस गंभीर अपराधों में आरोपियों को कानून के कठघरे में खड़ा करने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।




