केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब केंद्रीय कर्मचारी अपने बुज़ुर्ग माता-पिता की देखभाल के लिए 30 दिन तक की छुट्टी ले सकेंगे और इस दौरान उनकी सैलरी नहीं काटी जाएगी।

राज्यसभा में हुई घोषणा
केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को राज्यसभा में यह महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह छुट्टी अर्जित अवकाश (Earned Leave) के तहत दी जाएगी, जिसके लिए किसी नई छुट्टी नीति की आवश्यकता नहीं होगी।
मुख्य शर्तें और बातें
अवधि: कर्मचारी 30 दिन तक की छुट्टी ले सकते हैं।
वेतन: छुट्टी के दौरान वेतन में कोई कटौती नहीं होगी।
कारण: यह छुट्टी केवल वृद्ध माता-पिता की देखभाल के लिए ही ली जा सकेगी। कर्मचारी को यह साबित करना होगा कि छुट्टी का उद्देश्य ‘पैरेंट केयर’ है।
प्रकार: इसे नियमित अर्जित अवकाश के रूप में ही गिना जाएगा।
यह फैसला सरकारी कर्मचारियों को अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारियों और वर्क-लाइफ बैलेंस को बेहतर बनाने में मदद करेगा। कर्मचारी संगठनों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए इसे सरकारी मशीनरी में संवेदनशीलता और परिवारवाद को बढ़ावा देने वाला कदम बताया है।



