नई दिल्ली: फर्जी कॉल और मैसेज के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए सरकार और टेलीकॉम कंपनियां लगातार प्रयास कर रही हैं। पिछले साल TRAI (भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण) ने एक नई पॉलिसी लागू की थी, जिसके तहत ऐसे धोखाधड़ी वाले कॉल और SMS को नेटवर्क स्तर पर ही ब्लॉक किया जा रहा है। एयरटेल जैसे ऑपरेटर्स भी AI तकनीक का इस्तेमाल कर लाखों फर्जी कॉल्स को हर महीने ब्लॉक कर रहे हैं।

VoIP कॉल से नया खतरा: +697 और +698 नंबरों से रहें सावधान!
हालांकि, सरकार की सतर्कता के बावजूद साइबर अपराधी नई-नई तरकीबों से लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं। अब ये ठग इंटरनेट के जरिए होने वाली VoIP (वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल) कॉल्स का इस्तेमाल करने लगे हैं। ये कॉल्स अपराधियों की लोकेशन और पहचान का पता लगाना बेहद मुश्किल बना देती हैं।
थाईलैंड की दूरसंचार संस्था NBTC के अनुसार, VoIP कॉल अक्सर +697 या +698 से शुरू होती हैं। इन कॉल्स को ट्रैक करना बेहद कठिन होता है और यही कारण है कि साइबर अपराधी इन्हें प्राथमिकता से इस्तेमाल करते हैं। इतना ही नहीं, ये ठग अपनी असली पहचान छिपाने के लिए VPN (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) का भी इस्तेमाल करते हैं।
कैसे बचें इस फ्रॉड से?
नंबरों पर ध्यान दें: अगर आपको किसी अंतरराष्ट्रीय नंबर से कॉल आए, खासकर जो +697 या +698 से शुरू हो, तो उसे नज़रअंदाज करना ही बेहतर है। ये कॉल अधिकतर ऑनलाइन धोखाधड़ी या प्रमोशनल स्कैम के लिए की जाती हैं। आप ऐसे नंबर को सीधे ब्लॉक भी कर सकते हैं।
व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें: अगर गलती से आपने कॉल रिसीव कर भी ली है, तो कभी भी अपनी पर्सनल जानकारी (जैसे बैंक डिटेल्स, OTP, पासवर्ड) शेयर न करें। ये लोग खुद को सरकारी अधिकारी, बैंक कर्मचारी या कोई अन्य प्रतिष्ठित व्यक्ति बताकर आपको भ्रमित करने की कोशिश करते हैं।
खुद कॉल बैक करने को कहें: ऐसी स्थिति में आप उनसे कहें कि आप खुद कॉल बैक करेंगे। अगर वह कोई वैध नंबर देने से मना करते हैं, तो समझ लीजिए कि यह कॉल एक स्कैम है।
‘चक्षु’ पोर्टल पर करें शिकायत
सरकार ने फेक कॉल्स और मैसेज की शिकायत के लिए ‘चक्षु’ पोर्टल लॉन्च किया है, जो संचार साथी वेबसाइट (sancharsaathi.gov.in) पर मौजूद है। इसके अलावा, एक मोबाइल ऐप भी उपलब्ध है, जिससे आप ऐसे धोखाधड़ी वाले कॉल्स और मैसेज की रिपोर्ट आसानी से कर सकते हैं। रिपोर्ट करने के लिए ‘चक्षु’ पोर्टल पर जाएं, संबंधित कॉल या मैसेज की जानकारी दें और स्क्रीन पर दिए निर्देशों का पालन करें।
साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहना और किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज पर तुरंत कार्रवाई करना ही सबसे अच्छा उपाय है।



