नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब हमारे काम करने के तरीके का एक अभिन्न अंग बन चुका है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि इसका सबसे ज्यादा असर किन नौकरियों पर पड़ रहा है? इसी सवाल का जवाब देने के लिए Microsoft ने एक नई स्टडी जारी की है, जिसमें उन प्रोफेशन्स की पूरी लिस्ट है जिन पर AI का प्रभाव सबसे अधिक और सबसे कम होगा।

Microsoft ने अपनी इस रिसर्च के लिए लगभग 2 लाख Bing Copilot यूजर चैट्स का सुरक्षित रूप से विश्लेषण किया। इसका उद्देश्य यह समझना था कि AI की वजह से कौन-कौन से प्रोफेशन बदल सकते हैं।
रिसर्च में क्या कहा गया?
Microsoft के वरिष्ठ रिसर्चर किरण टॉमलिंसन का कहना है कि उनकी टीम यह समझना चाहती थी कि AI का किन क्षेत्रों में सबसे बेहतर उपयोग हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह रिसर्च यह नहीं बताती कि AI किसी की नौकरी पूरी तरह से खत्म कर देगा, बल्कि यह दिखाती है कि AI कैसे कुछ खास कामों में मददगार साबित हो सकता है और उनके स्वरूप को बदल सकता है।
स्टडी में दो तरह की लिस्ट दी गई हैं:
- वे नौकरियां जिन पर AI का असर सबसे ज्यादा हो सकता है।
- वे नौकरियां जिन पर AI का असर बहुत कम है।
AI से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाली नौकरियां
Microsoft की रिपोर्ट के अनुसार, इन नौकरियों पर AI का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल सकता है:
- ट्रांसलेटर और इंटरप्रेटर
- लेखक, एडिटर, पत्रकार
- कस्टमर सर्विस और कॉल सेंटर कर्मचारी
- डेटा साइंटिस्ट और वेब डेवलपर
- मार्केट रिसर्च एनालिस्ट्स
- इतिहासकार, राजनीतिक विश्लेषक
- टेक्निकल राइटर, प्रूफरीडर
- रेडियो जॉकी और न्यूज़ एंकर
- ब्रोकरेज क्लर्क्स, ट्रैवल एजेंट्स
- विज्ञापन और पब्लिक रिलेशन से जुड़े प्रोफेशन
इन प्रोफेशन्स में अधिकतर काम रिसर्च, लेखन, या बातचीत पर आधारित होता है, जिनमें AI तेजी से सक्षम होता जा रहा है।
AI से सबसे कम प्रभावित होने वाली नौकरियां
- Microsoft ने उन जॉब्स की भी पहचान की है जिन पर AI का असर फिलहाल बहुत कम है:
- निर्माण और सफाई से जुड़े काम (जैसे सीमेंट मिक्सर, रूफर, मशीन ऑपरेटर)
- अस्पतालों में सहायक कर्मचारी (जैसे नर्सिंग असिस्टेंट, मेडिकल प्रिपेयरर)
- भारी मशीन चलाने वाले कर्मचारी (जैसे ड्रेज ऑपरेटर, ट्रैक्टर ऑपरेटर)
- सुरक्षा और आग से जुड़ी सेवाएं (जैसे फायरफाइटर सुपरवाइजर)
- मसाज थेरेपिस्ट, फ्लोर सैंडर्स, टायर बिल्डर आदि
इन कामों में AI फिलहाल कोई सीधा रोल नहीं निभा पा रहा है, क्योंकि ये फिजिकल, मैनुअल और इंसानी समझ पर ज्यादा निर्भर हैं।
Microsoft की यह रिसर्च स्पष्ट रूप से बताती है कि AI अभी नौकरियां नहीं छीन रहा, बल्कि यह काम करने के तरीके को बदल रहा है। जिन प्रोफेशन में विचार, विश्लेषण और संवाद की जरूरत होती है, वहां AI तेजी से शामिल हो रहा है। वहीं, फिजिकल लेबर या तकनीकी संचालन वाले कामों पर इसका असर कम है।
भविष्य में जैसे-जैसे AI विकसित होगा, वैसे-वैसे इसकी पहुंच और भी क्षेत्रों तक जा सकती है। इसलिए यह बेहद ज़रूरी है कि लोग तकनीकी स्किल्स सीखें और बदलते समय के साथ खुद को अपडेट रखें। क्या आप अपनी नौकरी पर AI के संभावित प्रभाव के बारे में चिंतित हैं?



