कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर भारत में चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने हाल ही में सलाना लीगल कॉन्क्लेव-2025 में बोलते हुए कहा कि उन्हें 2014 से ही चुनाव प्रणाली में गड़बड़ी का संदेह था।

“2014 से ही शक था, गुजरात में हुआ था आश्चर्य”
राहुल गांधी ने बताया कि उन्हें खास तौर पर गुजरात विधानसभा चुनावों के दौरान गहरा शक हुआ था। उन्होंने कहा, “ऐसी क्षमता की भारी सीटों के साथ वो (भाजपा) जीत गए। मुझे तब आश्चर्य हुआ, जब राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात में कांग्रेस पार्टी को एक भी सीट नहीं मिली। मैं हैरान रह गया।” उन्होंने यह भी कहा कि जब भी वे इस बारे में बात करते थे, तो लोग उनसे सबूत मांगते थे।
महाराष्ट्र का उदाहरण: “तीन मजबूत पार्टियां गायब हो गईं”
कांग्रेस नेता ने महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी जीत गई, लेकिन चार महीने बाद हुए विधानसभा चुनावों में, “न सिर्फ हम हारे, बल्कि पूरी तरह से खत्म हो गए। तीन मजबूत पार्टियां अचानक गायब हो गईं।” राहुल गांधी ने कहा कि इस घटना के बाद ही उन्होंने चुनावी धांधलियों की गंभीरता से जांच शुरू की।
“परमाणु बम की तरह हैं सबूत”
राहुल गांधी ने दावा किया कि उनकी जांच में सामने आया है कि महाराष्ट्र में लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच एक करोड़ नए मतदाता जुड़े, और इनमें से ज्यादातर वोट भाजपा को गए। उन्होंने जोर देकर कहा, “अब मैं बिना किसी संदेह के कह रहा हूं कि हमारे पास सबूत हैं।”
गौरतलब है कि इससे पहले 1 अगस्त को भी राहुल गांधी ने चुनाव में धांधली की बात कही थी और दावा किया था कि उनके पास जो सबूत हैं, वह ‘परमाणु बम’ की तरह हैं। उन्होंने यह भी चेतावनी दी थी कि जो भी चुनाव अधिकारी इस खेल में शामिल हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा, भले ही वे रिटायर हो जाएं।



