छत्तीसगढ़ के दुर्ग में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ दो सगे भाइयों ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से 80 लाख रुपये की ठगी की. ये दोनों भाई शहर में अंडे का ठेला लगाते थे और इसी की आड़ में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी कर रहे थे.

अपहरण की अफवाह और यूपी पुलिस का खुलासा
गुरुवार रात दुर्ग के छावनी थाना क्षेत्र में यह खबर आग की तरह फैली कि सुभाष चौक पर अंडा रोल का ठेला लगाने वाले शुभम साव और विष्णु कुमार साव का अपहरण हो गया है. लेकिन बाद में यह सामने आया कि यह अपहरण नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की अंबेडकर नगर जिला पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था.
पुलिस जाँच में पता चला कि दोनों भाइयों के बैंक खातों में लगभग 80 लाख रुपये जमा किए गए थे. यह रकम उन 30 से 40 बेरोजगार लोगों से ली गई थी, जिन्हें विदेश में नौकरी, वीजा और पासपोर्ट दिलाने का झांसा दिया गया था. अंबेडकर नगर पुलिस ने 3 सितंबर को इस मामले में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था और दोनों भाइयों की तलाश कर रही थी.
दुर्ग पुलिस को नहीं दी गई थी सूचना
इस गिरफ्तारी से एक विवाद भी खड़ा हो गया, क्योंकि यूपी पुलिस ने दुर्ग पुलिस को इसकी कोई जानकारी नहीं दी थी. इस वजह से छावनी पुलिस ने पहले अपहरण का मामला दर्ज कर लिया था. हालाँकि, जब शुक्रवार शाम को अंबेडकर नगर पुलिस ने दुर्ग पुलिस को सूचित किया, तब जाकर पूरे मामले का खुलासा हुआ.
अंबेडकर नगर पुलिस पहले ही इस गिरोह के दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी. इन दोनों भाइयों के खातों में ठगी की रकम जमा होने से इन पर लगे आरोप और भी पुख्ता हो गए हैं. छावनी पुलिस के सीएसपी हेम प्रकाश नायक ने बताया कि अब इस मामले की जाँच अंबेडकर नगर पुलिस कर रही है और दुर्ग पुलिस का ध्यान भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने पर रहेगा.



