The state’s first rural garbage cafe is located in Ropakhar village of Mainpat. The collector inspected it and praised the innovation.
स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन की अनूठी पहल

रायपुर / स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत सरगुजा जिले के मैनपाट जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत रोपाखार में राज्य का पहला ग्रामीण गार्बेज कैफे प्रारंभ किया गया है। यह नवाचार पर्यावरण संरक्षण, प्लास्टिक अपशिष्ट के स्थानीय संग्रहण और ग्रामीण आजीविका संवर्धन की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है। यह पहल जिला प्रशासन सरगुजा, एलआईसी एचएफएल ग्रीन टुमॉरो परियोजना एवं फिनिश सोसायटी के सहयोग से संचालित की जा रही है। इसका उद्देश्य है ग्रामीण क्षेत्रों में प्लास्टिक कचरे का समुचित प्रबंधन, पर्यावरणीय जागरूकता का प्रसार एवं ग्रामीण महिलाओं की आजीविका को सशक्त करना।
कलेक्टर सरगुजा एवं जिला पंचायत सीईओ ने आज मैनपाट क्षेत्र भ्रमण के दौरान इस ग्रामीण गार्बेज कैफे का अवलोकन किया और इसे प्रशंसनीय नवाचार बताया। उन्होंने संबंधित विभागों और भागीदारी संस्थाओं को इस मॉडल को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। इस कैफे का संचालन कार्ब हट किचन, रोपाखार में किया जा रहा है। ग्रामीण या पर्यटक एक किलो साफ प्लास्टिक (जैसे सफेद प्लास्टिक, पानी की बोतल, एल्युमिनियम कैन, कांच की बोतल आदि) लाकर नाश्ता प्राप्त कर सकते हैं। दो किलो प्लास्टिक के बदले भोजन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। इस नवाचार से न केवल स्वच्छता बढ़ेगी बल्कि प्लास्टिक अपशिष्ट का पुनः उपयोग भी संभव होगा।
इस योजना से जुड़ी स्वच्छताग्राही दीदियां गांव-गांव में सफाई और अपशिष्ट प्रबंधन का कार्य कर रही हैं। कलेक्टर ने दुकानदारों एवं स्थानीय नागरिकों से यूज़र चार्ज नियमित रूप से भुगतान करने की अपील की, जिससे दीदियों की आजीविका मजबूत हो सके और योजना की सततता बनी रहे।



