एंड्रॉयड स्मार्टफोन में पहले से मौजूद अर्थक्वेक अलर्ट (भूकंप चेतावनी) फीचर अब और भी उपयोगी होने जा रहा है। गूगल इस अलर्ट को शेयर करने की सुविधा पर काम कर रहा है, जिससे यूजर प्राकृतिक आपदा की जानकारी सोशल मीडिया और अपने जानकारों के साथ तुरंत साझा कर सकेंगे।
गूगल का कहना है कि 2020 में लॉन्च होने के बाद से यह फीचर 2,000 से अधिक भूकंपों का सफलतापूर्वक पता लगा चुका है। 2023 में इसने फिलीपींस में 6.7 तीव्रता वाले भूकंप का सटीक पता लगाकर लगभग 25 लाख लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने या कवर लेने का अलर्ट भेजा था।

नए फीचर में मिलेगी यह सुविधा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एंड्रॉयड के अर्थक्वेक अलर्ट में एक शेयर अलर्ट ऑप्शन जोड़ा जा रहा है. इसके बाद यूजर इस एक टैप से ही सोशल मीडिया और दूसरी ऐप्स पर शेयर कर सकेंगे. यह एक प्री-फिल्ड मैसेज और #AndroidEarthquakeAlerts हैशटैग के साथ आएगा. इससे यूजर को अपने जानकारों और दूसरे लोगों को समय पर भूकंप की जानकारी दे सकेगा, जिससे उन्हें कवर लेने या सुरक्षित जगह पर पहुंचने के लिए कुछ अतिरिक्त समय मिल जाएगा.
अब तक का प्रभाव
गूगल ने बताया कि सिस्टम 2020 के बाद से हजारों भूकंप घटनाओं का पता लगा चुका है, जिनमें 2023 में फिलीपींस में 6.7 तीव्रता के भूकंप पर लगभग 25 लाख लोगों तक कवर लेने का अलर्ट पहुँचा था । ऐसे बड़े केस स्टडीज कंपनी के “समुदाय‑संचालित” सेंसर दृष्टिकोण की उपयोगिता दिखाते हैं ।
कैसे काम करता है
एंड्रॉयड फोन का एक्सेलेरोमीटर मिनी‑सीस्मोमीटर की तरह सूक्ष्म झटकों को महसूस करता है और लोकेशन/वाइब्रेशन सिग्नल्स को गूगल सर्वर तक भेजता है । किसी क्षेत्र से पर्याप्त सिग्नल मिलने पर सिस्टम भूकंप की पुष्टि करके उसी इलाके के एंड्रॉयड फोनों पर रीयल‑टाइम नोटिफिकेशन ट्रिगर करता है ।
कैसे सक्षम करें
Settings में Safety & emergency पर जाएँ और Earthquake alerts को ऑन रखें, साथ ही Location और इंटरनेट कनेक्टिविटी सक्रिय रहे तो अलर्ट समय पर प्राप्त होते हैं । कई डिवाइसों में यह टॉगल Google Location Accuracy के साथ भी जुड़ा रहता है, इसलिए लोकेशन सेवाएँ बंद होने पर अलर्ट सीमित हो सकते हैं ।
सीख और सीमाएँ
गूगल ने 2023 के तुर्की भूकंप के दौरान अलर्ट में आई कमी को स्वीकार किया और कहा कि कुछ परिस्थितियों में सिस्टम विफल हो सकता है, जिसे सुधारने पर काम जारी है । कंपनी बताती है कि अलर्ट की प्रभावशीलता नेटवर्क उपलब्धता, लोकेशन सेटिंग्स और सेंसर सिग्नल घनत्व पर निर्भर करती है ।
गोपनीयता और डेटा
यह प्रणाली फोन‑जनित सिग्नलों का समेकित रूप में उपयोग करती है और सर्वर‑साइड मॉडलिंग से भूकंप का अनुमान लगाती है, जिससे व्यक्तिगत पहचान योग्य डेटा की जरूरत न्यूनतम रहती है । गूगल का लक्ष्य अधिक फोन‑कवरेज के साथ अलर्ट की गति और विश्वसनीयता बढ़ाना है ।



