The grand festival of paddy procurement begins on November 15, preparations complete – Collector and Superintendent of Police inspect the centres
धनागर-कोतरा एवं कोड़ातराई धान खरीदी केंद्रों में व्यवस्थाओं का लिया जायजा, दिए आवश्यक निर्देश

31 जनवरी तक चलेगी खरीदी प्रक्रिया, प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान बेच सकेंगे किसान
रायगढ़, जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का महापर्व 15 नवम्बर से प्रारंभ होने जा रहा है, जो 31 जनवरी 2026 तक चलेगा। इसके लिए प्रशासन की ओर से सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। जिले के पंजीकृत एवं पात्र किसान अपने निर्धारित उपार्जन केंद्रों में पहुंचकर प्रति एकड़ 21 क्विंटल निर्धारित सीमा तक धान विक्रय कर सकेंगे। धान खरीदी व्यवस्था को सुचारू और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी एवं पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल ने आज धनागर-कोतरा एवं कोड़ातराई धान खरीदी केंद्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने केंद्रों में साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, बिजली, छाया, काटा-बांट, आर्द्रतामापी यंत्र, बारदाना उपलब्धता, तारपोलिंग, सुरक्षा व्यवस्था और ड्रेनेज सिस्टम की विस्तार से जानकारी ली। साथ ही चेकलिस्ट के अनुरूप सभी आवश्यक तैयारियां समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने कहा कि किसानों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी किसान को धान विक्रय के दौरान कतई परेशानी नहीं आए। किसानों के चेहरे पर मुस्कान दिखाई दे, यही हमारा लक्ष्य है। अपर कलेक्टर श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो ने बताया कि खरीदी केंद्रों के संचालन के लिए राजस्व, कृषि, खाद्य एवं सहकारिता विभाग के कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। इसके अलावा, धान खरीदी प्रक्रिया की निगरानी के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों की केंद्रवार ड्यूटी भी निर्धारित कर दी गई है, ताकि समय-समय पर आवश्यक निगरानी और मार्गदर्शन सुनिश्चित किया जा सके। निरीक्षण के दौरान जिला खाद्य अधिकारी श्री चितरंजन सिंह सहित संबंधित विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
105 उपार्जन केंद्रों में होगी खरीदी
जिले की 69 समितियों के माध्यम से कुल 105 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी की जाएगी। इनमें पुसौर विकासखंड में 22, खरसिया में 22, धरमजयगढ़ में 16, लैलूंगा में 12, घरघोड़ा में 8, रायगढ़ में 16 और तमनार में 9 उपार्जन केंद्र शामिल हैं। इनमें से 15 केंद्रों को संवेदनशील तथा 4 केंद्रों को अति संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। अवैध धान की आवक पर रोक लगाने के लिए भुईंयापाली, बेलरिया, लारा, रेंगालपाली, एकताल, जमुना, तोलमा, हाड़ीपानी, लमडांड, हमीरपुर, मेनरोड हाटी, गोलाबुड़ा, फतेपुर, केशरचुंवा, टांगरघाट, बिजना, बरकछार, उर्दना बेरियर, बोईरदादर, बेरियर, पलगड़ा, भालूनारा, बाकारुमा बेरियर, ऐडू बेरियर एवं रीलो बेरियर सहित 24 अंतराज्यीय एवं आंतरिक चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं। इन चेकपोस्टों पर 24 घंटे निगरानी के लिए तीन-तीन पालियों में चार टीमें तैनात की गई हैं।
‘तुंहर टोकन’ मोबाइल ऐप से जारी होंगे टोकन
धान खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए ‘तुंहर टोकन’ मोबाइल ऐप के माध्यम से टोकन जारी करने की व्यवस्था की गई है। टोकन प्रतिदिन सुबह 8 बजे से ऐप पर जारी होंगे। सोसायटी संचालक सुबह 9.30 बजे से टोकन जारी कर सकेंगे, जो अगले सात खरीदी दिवसों तक वैध रहेंगे। प्रत्येक टोकन में धान की मात्रा किसान के पंजीकृत रकबे से अधिक नहीं होगी। लघु एवं सीमांत किसानों को अधिकतम दो टोकन तथा बड़े किसानों को अधिकतम तीन टोकन दिए जाएंगे। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आधार आधारित ओटीपी प्रमाणीकरण अनिवार्य किया गया है, जिससे बिना किसान की सहमति कोई भी टोकन जारी नहीं हो सकेगा।
ऋण पुस्तिका लाने की आवश्यकता समाप्त
किसानों को अब उपार्जन केंद्र में ऋण पुस्तिका लाने की आवश्यकता नहीं होगी। एग्रीस्टेक पोर्टल से ऋण पुस्तिका का डेटा सीधे जुड़ा रहेगा, जिससे किसान की पहचान एवं पात्रता स्वतः सत्यापित हो जाएगी। इससे प्रक्रिया सरल, तेज और पारदर्शी होगी। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में संस्थागत पंजीयन, भूमिहीन किसान, डुबान क्षेत्र, वन अधिकार पट्टा धारक और ग्राम कोटवार वर्ग के किसानों को पंजीयन से छूट दी गई है। किसानों को धान विक्रय की राशि डिजिटल माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में जमा की जाएगी।
शिकायत निवारण हेतु टोल फ्री नंबर जारी
धान उपार्जन और कस्टम मिलिंग से संबंधित शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए खाद्य विभाग द्वारा टोल फ्री नंबर 1800-233-3663 जारी किया गया है। यह कॉल सेंटर राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष के रूप में कार्य करेगा। सभी उपार्जन केंद्रों में इस नंबर का प्रमुखता से प्रदर्शन किया जाएगा, ताकि किसान आसानी से अपनी शिकायत दर्ज करा सकें। प्राप्त शिकायतों का निराकरण तीन दिवस के भीतर किया जाएगा।



