Food Safety Department takes major action, 25 samples taken from 10 establishments in Raigarh district
कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और मानकों को सुनिश्चित करने के लिए विभाग की कार्यवाही जारी

रायगढ़, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के सख्त निर्देश पर जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और मानकों को सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा अभियान चलाया जा रहा है। त्योहारों के बाद बढ़ी मिलावट की आशंका और उपभोक्ता सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती सरिता पटेल के नेतृत्व में गठित टीम ने शहर के प्रमुख बाजारों, दुकानों, होटल–रेस्टोरेंट तथा नाश्ता केंद्रों में व्यापक निरीक्षण किया जा रहा है। इस अभियान के दौरान रायगढ़ जिले के कुल 10 प्रतिष्ठानों की जांच कर विभिन्न खाद्य पदार्थों के कुल 25 नमूने संकलित किए गए।
खाद्य सुरक्षा टीम द्वारा क्रमवार उन प्रतिष्ठानों में की गई कार्यवाही के दौरान अवधारण, स्वच्छता, कच्चे माल की गुणवत्ता और पैक्ड खाद्य पदार्थों के मानकों का अवलोकन किया गया। जांच के दौरान कई दुकानों और रेस्टोरेंट में ऐसे उत्पाद पाए गए, जिनकी गुणवत्ता संदेहास्पद लगी है, जिन्हें नियमानुसार सील कर नमूना परीक्षण के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया।
विभाग द्वारा जिन दस प्रतिष्ठानों में कार्रवाई की गई, उनमें अजय प्राविजन स्टोर (पद्मनगर, रायगढ़), गुड्डू कैंटीन (बैठकखोल रोड, रायगढ़), अंजलि बेकरी (धरमजयरपुर रोड, रायगढ़), आरव ट्रेडर्स (कोसमनारा, पुरानी हाटरी), आमंत्रण रेस्टोरेंट (सिविल लाइन, रायगढ़), शर्मा मार्केटिंग (पुराना हाटरी, रायगढ़), आयुष ट्रेडिंग (मोदी प्लाजा, रायगढ़), शर्मा ट्रेडिंग (पुराना हाटरी, रायगढ़), साहिल ट्रेडिंग (पुराना हाटरी, रायगढ़) तथा विशाल जनरल स्टोर (मेन रोड, रायगढ़) शामिल हैं।
इन प्रतिष्ठानों से टीम ने अलग-अलग खाद्य उत्पाद जैसे लाल मिर्च पाउडर, चना सत्तु, इडली मिक्स, वेज मंचूरियन मिक्स, मसाले, नमकीन, बेकरी प्रोडक्ट, तेल, मिश्रित दालें, फास्ट फूड सामग्री आदि के नमूने संकलित किए। निरीक्षण के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई के अभाव तथा खाद्य पदार्थों के अवैज्ञानिक भंडारण की स्थिति पर तत्काल सुधार निर्देश भी दिए गए।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती सरिता पटेल ने बताया कि सभी नमूनों को जांच के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि किसी भी खाद्य उत्पाद में मिलावट, अमानक गुणवत्ता या नियम उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित प्रतिष्ठानों पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा नियम 2011 के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर प्रकरण न्यायालय में भी प्रस्तुत किए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने समय सीमा की बैठक में विभाग के कामकाज की समीक्षा की। बैठक के दौरान जिले में मिलावटी एवं घटिया किस्म के खाद्य पदार्थों की बिक्री पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए और ऐसे प्रतिष्ठानों पर बगैर किसी रियायत की कार्रवाई की जाए। उन्होंने जनस्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता में उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए ऐसे निरीक्षण अभियान लगातार जारी रखने के निर्देश दिए।



