आचार्य झम्मन शास्त्री के सानिध्य मे वृन्दावन मे श्रीमदभागवत ज्ञानयज्ञ सप्ताह आयोजन

सौरभ बरवाड़/भाटापारा- हर तीर्थ का अपना अलग महत्व होता है कहीं स्नान करने का तो कहीं दर्शन करने का लेकिन संत महात्माओं एवं विद्वानों का ज्ञान यही कहता है कि वृन्दावन एक ऐसा अलौकिक तीर्थ है जहां सिर्फ कुछ दिन निवास करने मात्र से ही भगवान कृष्ण की भक्ति एवं प्रेम की प्राप्ति हो जाती है, संयोग एवं सौभाग्य से भाटापारा सहित छत्तीसगढ के लिए एक ऐसा ही सुअवसर आता हुआ नजर आ रहा है जिसके तहत जहां वृन्दावन निवास की बेला सामने आ रही है वहीं जो समय है वह भी अत्यंत पुण्यदायी है तथा जिनके मुख से ज्ञान की अविरल गंगा बहेगी उनकी भी प्रतिष्ठा छत्तीसगढ के गौरव सहित व्याख्यान दिवाकर के रुप मे है।
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पुरुषोत्तम मास की पुण्यदायी घड़ी
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सनातन संस्कृति मे पुरुषोत्तम मास की विशेष महत्ता है भगवान विष्णु की आराधना के लिए यह मास अत्यंत पुण्य दायी एवं फलदायी माना जाता है, और वह आराधना भगवान के धाम मे हो तो उसकी महिमा और भी बढ़ जाती है,ऐसा ही सौभाग्य छत्तीसगढ वासियों को पुरुषोत्तम मास मे प्रारंभ हो रहा है तथा वृन्दावन धाम मे भागवत महोत्सव आयोजन की दिव्य कड़ी प्रकट होगी तथा इसकी दिव्यता मे अभिवृद्धि व्याख्यान दिवाकर आचार्य झम्मन शास्त्री के श्रीमुख से श्रीमदभागवत ज्ञानयज्ञ सप्ताह के रुप मे होगी।
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वृन्दावन हिताश्रम मे 16से भव्य शुभारंभ
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भाटापारा सहित छत्तीसगढ के विभिन्न जिलों से श्रद्धालुओं का दल वृन्दावन धाम पंहुचेगा लगभग 100आस्थावान जनों की टीम 14मई को छत्तीसगढ एक्सप्रेस से वृन्दावन के लिए रवाना होगी, 16मई से वृन्दावन के हिताश्रम मे भव्य शोभायात्रा के साथ श्रीमदभागवत ज्ञानयज्ञ सप्ताह का शुभारंभ होगा वेदी पूजन गोकर्ण महात्मय, सती शिव चरित्र,ध्रुव चरित्र,कपिल गीता आजामिल कथा, जड़भरत प्रसंग, भक्त प्रह्लाद चरित्र,श्रीराम कथा,वामन अवतार, गजेन्द्र मोक्ष,समुद्र मंथन, श्रीकृष्ण अवतार, नन्द महोत्सव बाल लीला, रामलीला, गोवर्धन पूजा,रुखमणी विवाह, सुदामा चरित्र, परीक्षित मोक्ष की प्रेरणादायी कथा के साथ 23मई को गीता प्रवचन, तुलसी वर्षा, यज्ञ पूर्णाहूति सहस्र धारा स्नान के साथ भागवत महोत्सव का समापन होगा।
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आयोजकों द्वारा आस्थामय आव्हान
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अत्यंत पुण्यदायी मास पुरुषोत्तम मास मे भगवान के धाम मे भागवत महोत्सव के आयोजन का सौभाग्य प्राप्त कर रहे आयोजक गण जिनमे लता शर्मा,चन्द्रकांता शर्मा, अखिलेश शर्मा, तारिणी शर्मा, अरविंद शर्मा, धनेश्वरी शर्मा, लक्ष्मीकांत, सूर्यकांत, यश, अभिषेक, पलक आदि द्वारा समस्त श्रद्धालुओं से पूर्ण आस्था के साथ कथा श्रवण का आव्हान करते हुए संपूर्ण विधि विधान के अनुपालन का आग्रह किया गया है।



