Sanchar Saathi App: After massive protests, the government has made a U-turn! It has withdrawn its order to pre-install the Sanchar Saathi app on phones.
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने बुधवार को Sanchar Saathi साइबर सुरक्षा ऐप को नए स्मार्टफोनों में प्री-इंस्टॉल करने का आदेश वापस ले लिया। दूरसंचार विभाग (DoT) ने यह निर्णय उद्योग जगत की आपत्तियों, डेटा प्राइवेसी से जुड़ी चिंताओं और उपभोक्ताओं की पसंद को ध्यान में रखते हुए लिया है।

Sanchar Saathi ऐप का उद्देश्य मोबाइल उपयोगकर्ताओं को साइबर फ्रॉड, खोए हुए या चोरी हुए मोबाइल के खिलाफ सुरक्षा देना है। इसके माध्यम से उपयोगकर्ता अपने मोबाइल को ब्लॉक और ट्रैक कर सकते हैं, फर्जी सिम कनेक्शन की जांच कर सकते हैं तथा डिजिटल ठगी की रिपोर्ट कर सकते हैं। सरकार का दावा है कि इस ऐप से अब तक लाखों फोन ब्लॉक किए जा चुके हैं।
हालांकि, DoT द्वारा नए स्मार्टफोनों में इस ऐप को डिफॉल्ट सिस्टम ऐप के रूप में इंस्टॉल करने के आदेश पर तकनीकी विशेषज्ञों और उपभोक्ता संगठनों ने डेटा प्राइवेसी और ब्लोटवेयर संबंधी गंभीर आपत्तियाँ उठाईं। स्मार्टफोन कंपनियों ने भी इस फैसले से पहले पर्याप्त परामर्श नहीं किए जाने की शिकायत की।
तेज विरोध के बीच सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब Sanchar Saathi ऐप का प्री-इंस्टॉलेशन अनिवार्य नहीं रहेगा और यूजर्स इसे अपनी इच्छा से ऐप स्टोर से डाउनलोड कर सकेंगे। सरकारी सूत्रों के अनुसार, ‘वन-साइज़-फिट्स-ऑल’ मॉडल तकनीकी रूप से सभी स्मार्टफोन ब्रांड्स और प्लेटफॉर्म के लिए उपयुक्त नहीं था।
क्या है Sanchar Saathi ऐप और सरकार इसे क्यों जरूरी मानती थी?
Sanchar Saathi ऐप और पोर्टल दूरसंचार विभाग की एक आधिकारिक सॉफ्टवेयर है जिसका मकसद मोबाइल यूजर्स को साइबर फ्रॉड और टेलीकॉम से जुड़े अपराधों से सुरक्षा देना है। इस ऐप के जरिए यूजर अपने चोरी या खोए हुए मोबाइल को ब्लॉक और ट्रैक कर सकता है, अपने नाम पर जारी फर्ज़ी या एक्स्ट्रा सिम कनेक्शन की जांच कर सकता है, KYC से जुड़ी जानकारी सत्यापित कर सकता है और फ्रॉड कॉल या डिजिटल ठगी की रिपोर्ट कर सकता है। सरकार का दावा है कि इस प्लेटफॉर्म से अब तक लाखों फोन ब्लॉक किए गए हैं और करोड़ों मोबाइल कनेक्शनों की जांच हो चुकी है, जिससे साइबर अपराध पर नियंत्रण संभव हुआ है।
सरकार ने आदेश वापस लेते हुए क्या कहा?
तेज़ होते विरोध और तकनीकी हलकों में बढ़ती असहजता के बाद सरकार ने आदेश वापस ले लिया। DoT ने स्पष्ट किया कि अब Sanchar Saathi ऐप का प्री-इंस्टॉलेशन अनिवार्य नहीं होगा और यूजर इसे अपनी मर्जी से Play Store या App Store से डाउनलोड कर सकेंगे।



