हिंदू पंचांग के अनुसार माघ मास को अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी माना जाता है. इस महीने में किया गया स्नान, दान, जप और तप व्यक्ति को विशेष आध्यात्मिक फल मिलता है. इसी कारण उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हर वर्ष माघ माह के दौरान भव्य माघ मेले का आयोजन किया जाता है. त्रिवेणी संगम (जहां गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम होता है) के तट पर लगने वाला यह मेला आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम होता है. माघ मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु, साधु-संत और कल्पवासी संगम में पवित्र स्नान के लिए पहुंचते हैं. धार्मिक मान्यता है कि माघ मास में संगम स्नान करने से अक्षय पुण्य, पापों से मुक्ति और आत्मिक शुद्धि प्राप्त होती है.संगम की रेती पर बसी तंबुओं की नगरी में माघ मेले का शुभारंभ हो चुका है। 44 दिनों तक चलने वाले इस ऐतिहासिक मेले के लिए संगम के घाट पूरी तरह तैयार हैं।
सात सेक्टरों में बंटा मेला, टेंट सिटी मॉडल पर बसावट
माघ मेले को सात सेक्टरों में विभाजित किया गया है। महाकुंभ मॉडल पर आधारित टेंट सिटी की तर्ज पर मेला क्षेत्र का विकास किया गया है। करीब 800 हेक्टेयर में फैले मेले में 126 किलोमीटर लंबे मार्ग चेकर्ड प्लेट से तैयार किए गए हैं। नावों पर एलईडी लाइट से सजी रंगीन छतरियां, संगम के जल में सात रंगों की रोशनी वाले फव्वारे और घाटों पर कलर-कोडेड चेंजिंग रूम रात के समय अद्भुत दृश्य प्रस्तुत कर रहे हैं।

माघ मेला 2026 की प्रमुख स्नान तिथियां
- पहला मुख्य स्नान: पौष पूर्णिमा – 3 जनवरी 2026
- दूसरा मुख्य स्नान: मकर संक्रांति – 14 जनवरी 2026
- तीसरा मुख्य स्नान: मौनी अमावस्या – 18 जनवरी 2026
- चौथा मुख्य स्नान: बसंत पंचमी – 23 जनवरी 2026
- पांचवां मुख्य स्नान: माघी पूर्णिमा – 1 फरवरी 2026
- छठा मुख्य स्नान: महाशिवरात्रि – 15 फरवरी 2026
मौनी अमावस्या का विशेष महत्व
माघ मेले का सबसे प्रमुख और पुण्यकारी स्नान मौनी अमावस्या के दिन माना जाता है. इस दिन संगम तट पर श्रद्धालुओं की सबसे अधिक भीड़ देखने को मिलती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मौनी अमावस्या पर मौन रहकर किया गया स्नान पापों का नाश, मानसिक शांति और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करता है. वर्ष 2026 में यह शुभ स्नान 18 जनवरी को किया जाएगा.
माघ मेला 2026 स्नान के लिए शुभ मुहूर्त
हिंदू धर्म में स्नान-दान और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए ब्रह्म मुहूर्त को सर्वोत्तम समय माना गया है. ब्रह्म मुहूर्त का समय सुबह 4:00 बजे से 5:30 बजे तक रहता है. इस समय संगम में स्नान करने से स्नान का फल कई गुना बढ़ जाता है. श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि वे इसी समय में पवित्र डुबकी लगाएं.



