District-level review meeting held regarding TB-free panchayat verification, strict adherence to prescribed criteria.
टी.बी. उन्मूलन की दिशा में रायगढ़ में जिला स्तरीय बैठक, पंचायत सत्यापन प्रक्रिया तेज

कलेक्टर के मार्गदर्शन में टी.बी. मुक्त पंचायत सत्यापन की जिला स्तरीय समीक्षा
विकासखंड स्तर पर सत्यापन कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश
रायगढ़, राज्य शासन के दिशा-निर्देशानुसार एवं कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में टी.बी. मुक्त पंचायत सत्यापन के संबंध में जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य पंचायतों को टी.बी. मुक्त घोषित करने हेतु आवश्यक मानकों की समीक्षा एवं कार्ययोजना तैयार करना रहा।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत ने बताया कि प्रति 1000 जनसंख्या पर 30 संदेहास्पद व्यक्तियों की जांच अनिवार्य है। साथ ही प्रति 1000 जनसंख्या में एक या एक से कम टी.बी. मरीज की पुष्टि तथा उपचार सफलता दर कम से कम 85 प्रतिशत होना आवश्यक है, तभी पंचायत को टी.बी. मुक्त घोषित किया जा सकेगा। जिला क्षय अधिकारी डॉ. जयकुमारी चौधरी ने जानकारी दी कि दवा संवेदीकरण (ड्रग सेंसिटिविटी) परीक्षण की दर न्यूनतम 60 प्रतिशत होना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत 50 प्रतिशत लाभ पहुंचाना तथा निक्षय मित्र के माध्यम से प्रत्येक टी.बी. मरीज को अतिरिक्त पोषण आहार उपलब्ध कराना आवश्यक है।
बैठक में सभी विकासखंडों के खंड चिकित्सा अधिकारियों के प्रतिनिधि, जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत के प्रतिनिधि, मेडिकल कॉलेज के पीएसएम विभाग के चिकित्सा अधिकारी प्रतिनिधि, पंचायत प्रतिनिधि सहित जिला नोडल अधिकारी श्री अविनाश चंद्रा, डॉ. केनन डेनियल एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री रंजना पैकरा उपस्थित रहे। बैठक में उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे विकासखंड स्तर पर जाकर टी.बी. मुक्त पंचायत की स्थिति का भौतिक सत्यापन करें एवं अपनी समीक्षा रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्धारित समय-सीमा में प्रस्तुत करें, ताकि जिले को टी.बी. मुक्त बनाने की दिशा में प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।



