सौरभ बरवाड़/भाटापारा– आश्रय स्थल एवं प्रेरणा केंद्र की मांग ज्ञापन के साथ अभियान का प्रथम चरण और जन संवेदना मे टीस उत्पन्न करती वह दृश्य जो भाटापारा मे यदाकदा नजर आती रहती है खासकर सार्वजनिक परिक्षेत्र इस पीड़ामय दृश्य को सहज प्रस्तुत करते रहतें है जिन्हे देखकर जनमानस के भाव पीड़ा के साथ यही कहते हुए प्रतीत होते है कि इसका निदान होना चाहिए,और पीड़ामय झलक देती है घुमंतू बच्चों का परिदृश्य। नगर के रेल्वे स्टेशन परिक्षेत्र सहित विभिन्न सार्वजनिक स्थलों मे यह दृश्य पीड़ा की बानगी प्रस्तुत करते हुए नजर आते हैं।
अंधकार की ओर बढ़ते नौनिहाल

संपूर्ण जीवन की मजबूत बुनियाद है बचपन और यह बुनियाद जितनी मजबूत होती है जीवन उतना ही समृद्ध सुदृढ और सुखद होता है, जीवन के ऐसे महत्वपूर्ण पड़ाव मे यदि नन्हे बच्चों के हाथों मे कलम के बजाय भीख का कटोरा नजर आये तथा विद्यालय की जगह सड़कों की खाक छानते परिदृश्य दिखाई दे एवं नशे की विकृति तथा छिटपुट अपराधों की ओर कदम अग्रसर होते हुए नजर आये तो यह सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि स्वर्णिम बचपन किस अंधियारे की ओर बढ़ रहा है,भाटापारा मे कुछ ऐसा ही परिदृश्य नजर आता है तथा बड़ी संख्या मे घूमंतु बच्चों के रुप यह पीड़ा झलकती है।
दस्तक अभियान की पहल
घुमंतु बच्चों के प्रसंग मे जहां एक ओर स्वंय बच्चों का भविष्य अंधकार मे जाता हुआ दिखाई दे रहा है वहीं शहर की सुचिता भी प्रभावित होती हुई नजर आ रही है,अत्यंत संवेदनशील इस पहलू पर नगर की रचनात्मक संस्था सरयू साहित्य परिषद एवं सुधिजनों द्वारा पहल प्रारंभ की गयी है तथा दस्तक अभियान के माध्यम से व्यवस्था के प्रमुख घटकों के समक्ष पीड़ा को रखने का निर्णय लिया गया है,घूमंतु बच्चों के लिए आश्रय स्थल के रुप भाटापारा मे बाल धाम तथा प्रेरणा केंद्र की मांग का ज्ञापन दस्तक अभियान के प्रथम चरण मे प्रशासन के प्रमुख घटक जिसके तहत प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन विभाग,जिलाधीश,बालक कल्याण समिति, पुलिस अधीक्षक,जिला कार्यक्रम अधिकारी,जिला बाल संरक्षण अधिकारी,शहर ग्रामीण थाना प्रभारी, रेल्वे स्टेशन मास्टर भाटापारा को ज्ञापन सौंपने की रुपरेखा बनाई गयी है।
थाना प्रभारी को ज्ञापन के साथ अभियान का शुभारंभ
शहर थाना प्रभारी अमित पाटले को ज्ञापन सौंपने के साथ ही दस्तक अभियान का शुभारंभ हुआ घुमंतू बच्चों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा के साथ ही थाना प्रभारी द्वारा इस दिशा मे समुचित भूमिका के निर्वहन की बात भी कही गयी,इस अवसर पर मुकेश शर्मा,श्याम पुरोहित,शंकरलाल सोनी,गिरधर गोपाल शर्मा,डाॅ वाय पी सोनी,भानू प्रकाश,मानिक प्रसाद मोनू दुबे आदि प्रमुख रुप से उपस्थित थे।



