Action Taken Against Cyber Fraud Racket Operating Under the Guise of a Public Service Center—Including the Mastermind and the Team
रायगढ़ में फर्जी मैट्रिमोनियल साइट के नाम पर साइबर ठगी का बड़ा खुलासा

🚨 यूट्यूब चैनल व फेक प्रोफाइल के जरिए लोगों से वसूली, लैपटॉप, स्टेम्प, दस्तावेज जब्त
🚨 एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश — “किसी भी संदिग्ध मैट्रिमोनियल या सोशल मीडिया प्रोफाइल से सावधान रहें, रायगढ़ पुलिस की साइबर ठगी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी”
रायगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह को प्राप्त सूचना पर रायगढ़ पुलिस द्वारा फर्जी मैट्रिमोनियल साइट के माध्यम से लोगों से ठगी करने वाले संगठित गिरोह का खुलासा किया गया है। सूचना के आधार पर एडिशनल एसपी अनिल सोनी, नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक मिश्रा, थाना साइबर प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक तथा थाना साइबर एवं महिला थाना की संयुक्त टीम द्वारा दरोगापारा स्थित निधि परिवहन केंद्र में रेड कार्रवाई की गई।
प्रारंभिक जांच में पाया गया कि केंद्र संचालक कपिल गर्ग द्वारा पूर्व में लोक सेवा केंद्र के माध्यम से आरटीओ संबंधी कार्य किया जाता था, किंतु उसकी आईडी एक माह पूर्व निरस्त हो चुकी थी। कार्यालय में फर्जी मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म संचालित किया जा रहा था, जहां “इंडिया मैट्रिमोनी” नाम से ऑनलाइन विवाह प्रस्तावों के नाम पर लोगों को जाल में फंसाया जाता था।
प्रारंभिक जांच में पाया गया कि कपिल गर्ग और उनकी टीम जिसमें दर्जनों युवतियां शामिल है, ये युवतियां फर्जी जीमेल आईडी एवं अपने मोबाइल नंबरों का उपयोग कर यूट्यूब चैनल बनाई हुई थी, जिनमें फेक प्रोफाइल के वीडियो एवं फोटो अपलोड कर अपना संपर्क नंबर साझा किए जाते थे। संपर्क करने वाले व्यक्तियों से पहले उनका बायोडाटा लिया जाता था, इसके बाद रजिस्ट्रेशन फीस यूपीआई के माध्यम से वसूला जाता था। आगे पसंद की गई प्रोफाइल से बातचीत कराने के नाम पर मीटिंग आईडी जनरेट करने हेतु पुनः यूपीआई से फीस ली जाती थी और व्हाट्सएप के माध्यम से क्यूआर कोड भेजकर भुगतान कराया जाता था।
आरोपियों द्वारा इस प्रकार लगातार विभिन्न बहानों से रकम वसूली कर अंततः यह कहकर संपर्क समाप्त कर दिया जाता था कि संबंधित युवती को रिश्ता पसंद नहीं है, और फिर नए शिकार की तलाश की जाती थी।
संदेही कपिल गर्ग से मिली जानकारी के आधार पर दरोगापारा स्थित श्रीमती शांति देवी सोसायटी ऑफ एजुकेशन केंद्र पर भी पुलिस द्वारा दबिश दी गई, जहां की संचालिका हिमांशु मेहर ने बताया कि वह पिछले 3 साल से कपिल गर्ग से जुड़ी हुई है, उसके कहने पर उसके आफिस से भी लड़कियां इसी प्रकार यूट्यूब के माध्यम से लोगों से संपर्क करती थी । संदेही कपिल गर्ग के निधि परिवहन केन्द्र की जांच के दौरान लैपटॉप में फोटोशॉप सॉफ्टवेयर के जरिए दस्तावेजों में छेड़छाड़ के प्रमाण मिले तथा कार्यालय से विभिन्न शासकीय विभागों के सील-मुहर भी बरामद किए गए हैं। दोनों आफिस के संचालकों और युवतियों से पूछताछ कर मामले में जांच जारी रही है ।
👉 एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश —
“ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से होने वाली ठगी पर रायगढ़ पुलिस की सतत नजर है। आमजन ऐसे किसी भी संदिग्ध मैट्रिमोनियल या सोशल मीडिया प्रोफाइल से सावधान रहें और ठगी की सूचना तत्काल पुलिस को दें। दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”



