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सहकारी समितियों को बनाया जाएगा बहुउद्देशीय सेवा केंद्र, डिजिटल सेवाओं और आयवर्धक गतिविधियों के विस्तार के निर्देश

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जिले में सहकारिता व्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती, सचिव डॉ सी.आर. प्रसन्ना ने किया कोतरा पैक्स का औचक निरीक्षण

रायगढ़, 1 अगस्त 2026 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सहकारिता क्षेत्र को सशक्त, आधुनिक और किसान हितैषी बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में सहकारिता विभाग के सचिव डॉ सी.आर. प्रसन्ना ने रायगढ़ जिले के प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति कोतरा (पंजीयन क्रमांक-20) का औचक निरीक्षण कर समिति के संचालन, किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं तथा विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, सीईओ जिला पंचायत श्री अभिजीत बबन पठारे तथा उप आयुक्त सहकारिता भी उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान सहकारिता सचिव डॉ सी.आर.प्रसन्ना ने समिति के कार्यालयीन व्यवस्थाओं, अभिलेखों, किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं, भंडारण व्यवस्था एवं विभिन्न सहकारी गतिविधियों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों को केवल ऋण वितरण तक सीमित न रखते हुए उन्हें बहुउद्देशीय ग्रामीण सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जाना आवश्यक है, ताकि किसानों को कृषि से जुड़ी अधिकतम सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकें और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिले। सचिव श्री प्रसन्ना ने विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के अंतर्गत रायगढ़ जिले में निर्माणाधीन तीन गोदामों की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, निर्धारित समय-सीमा तथा तकनीकी मानकों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक भंडारण सुविधाओं के विकसित होने से किसानों की उपज सुरक्षित रहेगी तथा उन्हें बेहतर विपणन एवं उचित मूल्य प्राप्त करने में सुविधा होगी।
सचिव डॉ प्रसन्ना ने राष्ट्रीय सहकारिता विकास निगम की योजनाओं के माध्यम से समितियों में आयवर्धक गतिविधियों, कृषि अधोसंरचना तथा अन्य व्यावसायिक गतिविधियों का तेजी से विस्तार करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी समितियों को मल्टी-पर्पज पैक्स के रूप में विकसित कर उन्हें कृषि आदान वितरण, भंडारण, विपणन, उपभोक्ता सेवाओं तथा अन्य जनोपयोगी गतिविधियों का केंद्र बनाने पर जोर दिया, जिससे समितियां आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। सहकारिता सचिव ने प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में कॉमन सर्विस सेंटर की सभी सेवाओं का विस्तार करने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीण नागरिकों को विभिन्न शासकीय एवं डिजिटल सेवाओं के लिए दूर-दराज न जाना पड़े। इसके साथ ही समिति को शीघ्र ई-डिस्ट्रिक्ट आईडी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, जिससे प्रमाण-पत्र एवं अन्य ऑनलाइन सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराई जा सकें।
सचिव डॉ प्रसन्ना ने वीबी-जीराम जी योजना के अंतर्गत उपार्जन केंद्रों में अनाज के सुरक्षित भंडारण के लिए पक्के चबूतरों का निर्माण कराने के निर्देश दिए। साथ ही नेफेड के माध्यम से दलहन एवं तिलहन फसलों की खरीदी में समितियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त हो और सहकारी समितियों की भूमिका और अधिक प्रभावी बन सके। निरीक्षण के दौरान सचिव श्री प्रसन्ना ने अधिकारियों से विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए कहा कि राज्य शासन की मंशा के अनुरूप सहकारी समितियों को ग्रामीण विकास, कृषि उन्नयन एवं किसानों की आय बढ़ाने का मजबूत माध्यम बनाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को सभी निर्देशों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण पालन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि सहकारिता क्षेत्र को मजबूत बनाना प्रदेश के समग्र ग्रामीण विकास और किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

Ro.No - 13895/148

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