छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून की दस्तक से ठीक पहले मौसम का मिजाज तेजी से बदलने लगा है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। मौसम केंद्र रायपुर के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और राज्य के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के प्रभाव से अगले पांच दिनों तक प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बताई हैं और प्रदेश में वज्रपात (बिजली गिरने) को लेकर अलर्ट जारी किया है।
सिनोप्टिक सिस्टम
मौसम विभाग के अनुसार पंजाब से हरियाणा, उत्तर प्रदेश होते हुए बिहार तक समुद्र तल पर एक मौसमी द्रोणिका बनी हुई है। इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश से पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी विदर्भ और तेलंगाना होते हुए दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश तक समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक एक द्रोणिका सक्रिय है।

वहीं पूर्वी विदर्भ और उससे लगे दक्षिण छत्तीसगढ़ के ऊपर समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
आज प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम
प्रदेश में आज एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। मौसम विभाग ने एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है।
अगले दो दिनों का अनुमान
अगले दो दिनों में प्रदेश के कुछ स्थानों में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है। एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है।



