
डीपीआई संचालक अशोक नारायण बंजारा सहित शिक्षा जगत और समाज की अनेक हस्तियों ने की सहभागिता,
महर्षि दयानंद सरस्वती के आदर्शों पर चलने का आह्वान
संस्कारित शिक्षा और महर्षि दयानंद सरस्वती के आदर्शों को अपनाने का आह्वान
रायगढ़। आर्ष गुरुकुल तुरंगा में शिक्षक सम्मान समारोह का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। समारोह में रायगढ़, व सारंगढ़- बिलाईगढ़ जिले से बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षाविद्, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन शामिल हुए। कार्यक्रम में विभिन्न संकुलों, शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों तथा महाविद्यालयों से कुल 325 शिक्षकों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अशोक नारायण बंजारा, संचालक डीपीआई रायपुर थे। समारोह में एल.एन. पटेल, जिला शिक्षा अधिकारी सारंगढ़, वायुनंदन पांडेय प्रबंधक टीआरएन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड टेंडा नवापारा, भुवनेश्वर पटेल विकासखंड शिक्षा अधिकारी पुसौर, मुकेश कुमार कुर्रे विकासखंड शिक्षा अधिकारी बरमकेला, डॉ. रामकुमार पटेल, महामंत्री एवं पूर्व प्रधान आर्य प्रतिनिधि सभा तथा संचालक आर्यवीर दल छत्तीसगढ़, प्रेम नारायण मौर्य वरिष्ठ अधिवक्ता सहित अनेक गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही।
इसके अलावा समाजसेवी श्रीमती श्यामलता बंसल,भरत लाल अग्रवाल, नीलकांत पटेल, राजीव आर्य, त्रिभुवन शर्मा, सरपंच श्रीमती विनोदिनी प्रधान, उपसरपंच विवेक प्रधान, ओबीसी मोर्चा जिलाध्यक्ष मनोरंजन साहू, सेवानिवृत्त शिक्षक पंडित गुणिनिधि सतपथी, विभूति भूषण प्रधान, अभिनव स्कूल के संचालक अक्षय कुमार सतपति, दानदाता परिवार से डोलेश्वर गुप्ता एवं तेजराम गुप्ता सहित अनेक विशिष्टजन उपस्थित रहे।
325 से अधिक शिक्षकों की रही सहभागिता
शिक्षक सम्मान समारोह में विभिन्न संकुलों से बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए। पुसौर संकुल से 22, कन्या पुसौर से 13, पड़ीगांव से 14, औरदा से 10, महलोई से 16, छपोरा से 21, तेलीपाली से 15, बारडोली से 10, छिछोर उमरिया से 16, कोड़पाली से 15, गोर्रा से 12, बुलाकी से 9, बड़े भंडार से 14, फुटकापूरी से 11, डुमरमुड़ा से 5, छातामुड़ा से 5, सोडेकेला से 8, सुरी से 4, सूपा से 12, मिडमिडा से 10, रेंगलपाली से 11, झलमला से 11, बड़े हल्दी से 11, तेतला से 14, जतरी से 10, पुसल्दा से 11, गढ़ुमरिया से 6 तथा कोडातराई से 9 शिक्षक शामिल हुए।
इसके अतिरिक्त विशेष शिक्षक 7, सेवानिवृत्त शिक्षक 5, अशासकीय विद्यालयों से 5 तथा कॉलेज से 3 शिक्षक शामिल हुए। सारंगढ़- बिलाईगढ़ एवं बरमकेला क्षेत्र से भी लगभग 50 शिक्षकों ने कार्यक्रम में सहभागिता की। इस प्रकार कुल 325 से अधिक शिक्षकों की उपस्थिति रही।
अतिथियों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि अशोक नारायण बंजारा, संचालक डीपीआई रायपुर का सम्मान डॉ. रामकुमार पटेल, महामंत्री एवं पूर्व प्रधान छत्तीसगढ़ आर्य प्रतिनिधि सभा, कोलता समाज, फूलमाली समाज एवं स्थानीय शिक्षक संघ की ओर से किया गया।
वहीं आर्ष गुरुकुल तुरंगा के संचालक आचार्य राकेश कुमार द्वारा मुख्य अतिथि सहित अन्य अतिथियों का सम्मान किया गया। समारोह में उपस्थित अतिथियों एवं शिक्षकों के प्रति आर्ष गुरुकुल की ओर से सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त की गई।
संस्कारित शिक्षा पर आचार्य राकेश ने दिया जोर
आर्ष गुरुकुल तुरंगा के संचालक आचार्य राकेश कुमार ने संस्था की गतिविधियों एवं उद्देश्यों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में संस्कार, चरित्र, अनुशासन, राष्ट्रभावना एवं सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है।
उन्होंने समाज को महर्षि दयानंद सरस्वती के आदर्शों एवं वैदिक मूल्यों के अनुरूप संस्कारित शिक्षा को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों, शिक्षकों, अतिथियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
अतिथियों ने शिक्षकों को किया संबोधित
समारोह को मुख्य अतिथि अशोक नारायण बंजारा, जिला शिक्षा अधिकारी एल.एन. पटेल, टीआरएन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधक वायुनंदन पांडेय, डॉ. रामकुमार पटेल तथा विकासखंड शिक्षा अधिकारी भुवनेश्वर पटेल ने संबोधित किया।
वक्ताओं ने शिक्षक को समाज निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों की भूमिका, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास तथा संस्कारयुक्त शिक्षा के महत्व पर विचार व्यक्त किए। समारोह में शिक्षकों के योगदान एवं उनके प्रति सम्मान की भावना को प्रमुखता से रेखांकित किया गया।
गुरुकुल के शिक्षकों और सहयोगियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम को सफल बनाने में गुरुकुल के शिक्षकों एवं सहयोगियों का विशेष योगदान रहा। गुरुकुल के शिक्षकों में राजेंद्र आर्य, मुकेश कुमार, शेष कुमार, कुमारी रश्मि गुप्ता, कुमारी आकृति प्रधान, कुमारी तनुश्री स्वर्णकार, कुमारी रितु गुप्ता, हरि टंडन, प्रियांशु साहू, कुमारी मानसी सरल, कुमारी अंजू प्रधान एवं विजय आर्य शामिल रहे।
कार्यक्रम में विशेष सहयोग
आचार्य राकेश कुमार, जगन्नाथ प्रधान, घनश्याम पटेल, भागीरथी प्रधान, पंकज कुमार विश्वाल, दुरेन्द्र कुमार नायक, टिकेश्वर प्रधान, रमेश प्रधान, सुरेश बीसी, जाजला सिदार, सुरेंद्र बारीक, मनोज गुप्ता, डोलामणि विश्वाल एवं चंद्रमणि राणा सहित सहयोगियों का रहा।
लोगों ने सम्मान के बाद हुआ प्रसाद रूपी भोजन को किया ग्रहण
शिक्षकों के सम्मान समारोह के पश्चात सभी उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों एवं ग्रामीणों ने प्रसाद रूपी भोजन ग्रहण किया। कार्यक्रम में शिक्षकों, अतिथियों और ग्रामीणों की बड़ी संख्या में उपस्थिति ने आयोजन को गरिमामय स्वरूप प्रदान किया।
आर्ष गुरुकुल तुरंगा का यह आयोजन शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों के योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ-साथ समाज में संस्कारित एवं मूल्यपरक शिक्षा के प्रसार का संदेश देने वाला रहा।





