
सौरभ बरवाड़/भाटापारा-
श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर भाटापारा में 10 लक्षण पर्युषण महापर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है प्रातः 7:00 बजे भगवान का मंगल अभिषेक शांति धारा आरती और पूजन संपन्न हो रही है। आज मंगल अभिषेक शांति धारा करने का सौभाग्य श्री विनोद मोदी एवं संजय सिलचंद जैन को प्राप्त हुआ।
शांति धारा के पश्चात मंगल आरती,सुरपति ले अपने शीश जगत के ईस गए गिरी राजा, संपन्न हुई
सभी भक्तों ने खूब उत्साह के साथ भक्ति के साथ मंगल आरती की आरती के पश्चात देव शास्त्र गुरु पूजन, शीतल नाथ भगवान की पूजन, सोलह कारण पूजन, दसलक्षण पूजन एवं सुगंध दशमी पूजन संपन्न कर, महा अर्ध समर्पित किया गया।
श्रीमती सुमन लता मोदी ने प्रवचन में कहा धर्म का छठवां लक्षण है उत्तम संयम,संयम का सीधा सा अर्थ है दौड़ते हुए इंद्रिय विषयों की लगाम अपने हाथ में रखना।
अनादि काल से भटकते हुए आज यह दुर्लभ मनुष्य जन्म और जैन शासन मिला है, तो अब अपना कर्तव्य है कि संयम को धारण कर अपना कल्याण कर लें । जिस प्रकार प्रमाद से चिंतामनी रत्न समुद्र में गिर जाए तो उसका प्राप्त होना दुर्लभ है ,उसी प्रकार यह मनुष्य पर्याय और मोक्ष मार्ग को बताने वाला जैन धर्म मिलना दुर्लभ है । संयम सद्गति प्राप्त करने का प्रमुख साधन है ।हमें नियम संयम का पालन सम्यक प्रकार से करना चाहिए। हमें अपने मन व इंद्रियों को अपने नियंत्रण में रखना चाहिए। संयम से रहित व्यक्ति किसी भी गति में जा सकता है।
कर्म के वेग को सहने की क्षमता असंयमी के पास नहीं होती।
गुरुदेव कहते हैं जो एक बार खाए वह योगी ,जो दो बार खाए वह भोगी, जो तीन बार खाए वह रोगी और जो बार-बार खाए उसकी क्या दशा होगी।
अंत में मां जिनवाणी की स्तुति अभिषेक मोदी के द्वारा की गई। रात्रि में देव शास्त्र गुरु की मंगल आरती संपन्न हुई ।कल 22 सितंबर को उत्तम तप धर्म की पूजा संपन्न होगी


