● जिले के ऐतिहासिक व धार्मिक महत्व के स्थलों—सोनाखान शहीद स्मारक, बालसमुंद मंदिर पलारी एवं कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा में पुलिस टीमों द्वारा वृहद स्तर पर किया गया श्रमदान
● जिले के समस्त थानों एवं चौकियों में पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने श्रमदान कर परिसर एवं आसपास के सार्वजनिक क्षेत्रों की सफाई की
● पुलिस और जनता के बीच प्रगाढ़ संबंधों एवं स्वच्छता का संदेश देने हेतु अभियान में स्थानीय नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
सौरभ बरवाड़/बलौदाबाजार- पुलिस अधीक्षक बलौदाबाजार-भाटापारा गौरव राय (भा.पु.से.) के कुशल निर्देशन में जिलेभर में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों की श्रृंखला में स्वच्छता व श्रमदान अभियान का आयोजन किया गया।
इसी क्रम में आज दिनांक 12.10.2026 को बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस द्वारा जिले के प्रमुख ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक धरोहरों तथा सार्वजनिक स्थलों में विशेष “साफ-सफाई एवं श्रमदान कार्यक्रम” आयोजित किया गया।

प्रमुख स्थलों पर श्रमदान एवं स्वच्छता अभियान:
1. शहीद वीर नारायण सिंह की जन्मस्थली (सोनाखान): प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अमर शहीद वीर नारायण सिंह की जन्मभूमि सोनाखान स्थित शहीद स्मारक भवन एवं परिसर में पुलिस अधिकारियों एवं जवानों द्वारा व्यापक स्तर पर साफ-सफाई कर झाड़ियों व कचरे को साफ किया गया।
2. बालसमुंद मंदिर परिसर (पलारी): ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व के केंद्र बालसमुंद मंदिर पलारी में पुलिस टीम द्वारा मंदिर प्रांगण तथा आसपास के सार्वजनिक क्षेत्रों की धुलाई एवं सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया गया।
3. कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा (मेला एवं मंदिर परिसर): आगामी पर्व एवं मेला आयोजनों को ध्यान में रखते हुए संत कबीर की पावन धरा दामाखेड़ा में स्थित संपूर्ण मंदिर परिसर तथा मेला स्थल में पुलिस बल द्वारा वृहद श्रमदान कर स्वच्छता अभियान चलाया गया।
4. समस्त थानों एवं चौकियों में श्रमदान:जिले के ऐतिहासिक स्थलों के साथ-साथ जिले के समस्त थानों एवं चौकियों में भी थाना प्रभारियों के नेतृत्व में पुलिस बल द्वारा अपने-अपने थाना परिसर, बैरक एवं आसपास के सार्वजनिक मार्गों में श्रमदान कर वृहद सफाई अभियान चलाया गया।
बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस की इस पहल का उद्देश्य हमारी ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण, पर्यावरण स्वच्छता और समाज में ‘श्रमदान’ की भावना को प्रोत्साहित करना है। अभियान के दौरान पुलिस के अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने भी सहभागिता दर्ज कराई।



