Home Blog उद्योगों से जुड़े लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें : कलेक्टर

उद्योगों से जुड़े लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें : कलेक्टर

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झारा शिल्प को बढ़ावा देने और युवाओं को अप्रेंटिसशिप से जोड़ने पर जोर

पीएम-सेतु योजना से जिले के पांच शासकीय आईटीआई होंगे आधुनिक

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रायगढ़, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी की अध्यक्षता में जिला कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में औद्योगिक विकास, उद्योगों से संबंधित लंबित प्रकरणों के निराकरण, युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने सहित विभिन्न विषयों की बिंदुवार समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को उद्योगों के लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण करने तथा उद्योग प्रतिनिधियों की समस्याओं का नियमानुसार समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में सिंगल विंडो प्रणाली के लंबित प्रकरणों, लैंड बैंक, औद्योगिक भूमि के लिए संयुक्त निरीक्षण प्रतिवेदनों, शासकीय भूमि के खसरा अंतरण, भूमि अर्जन, एक जिला-एक उत्पाद, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना, नवीन निवेश और स्टार्टअप सहित विभिन्न विषयों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने को कहा। उन्होंने उद्योग प्रतिनिधियों से कहा कि उद्योगों के संचालन अथवा विस्तार से संबंधित समस्याओं से प्रशासन को अवगत कराएं, ताकि नियमानुसार हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जा सके।

बैठक में एक जिला-एक उत्पाद योजना के अंतर्गत जिले के पारंपरिक झारा शिल्प को प्रोत्साहित करने पर विशेष चर्चा हुई। कलेक्टर ने कहा कि झारा शिल्प रायगढ़ की विशिष्ट पहचान है, जिसे व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने उद्योग प्रतिनिधियों से स्थानीय कारीगरों को प्रशिक्षण एवं प्रोत्साहन देने, शिल्प के प्रचार-प्रसार और इसके विकास में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि उद्योगों के सुझाव और सहभागिता से इस पारंपरिक कला को नए अवसर मिल सकते हैं।

अप्रेंटिसशिप से युवाओं को जोड़ने के निर्देश

कलेक्टर ने प्रधानमंत्री अप्रेंटिसशिप कार्यक्रम के तहत सभी उद्योगों को पंजीयन कराने और निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। बैठक में अप्रेंटिसशिप के दौरान युवाओं की निरंतर भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई। इस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को युवाओं की काउंसलिंग करने तथा उन्हें अप्रेंटिसशिप के महत्व और इससे मिलने वाले व्यावहारिक अनुभव की जानकारी देने को कहा, ताकि युवा प्रशिक्षण अवधि पूरी कर उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकसित कर सकें। कलेक्टर ने बताया कि रायगढ़ के नालंदा परिसर में इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना की तैयारी की जा रही है। इसके आगामी तीन से चार महीनों में पूर्ण होने की संभावना है। उन्होंने उद्योग प्रतिनिधियों से इस केंद्र का अधिकतम लाभ उठाने तथा नवाचार, नए उद्यमों और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने की अपील की।

पीएम-सेतु योजना से पांच शासकीय आईटीआई होंगे आधुनिक

बैठक में पीएम-सेतु योजना के तहत जिले के पांच शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को उन्नत प्रौद्योगिकी से आधुनिक बनाने की जानकारी दी गई। इस योजना का उद्देश्य उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित करना और भविष्य की आवश्यकताओं के लिए कुशल कार्यबल तैयार करना है। कलेक्टर ने बड़े उद्योगों से योजना में सहयोग करने तथा समझौता ज्ञापन (एमओयू) के माध्यम से आईटीआई के उन्नयन में भागीदारी निभाने का आग्रह किया। बैठक में मुख्य महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र रायगढ़ श्री लुइस कुमार लकड़ा, महाप्रबंधक अंजू नायक, संबंधित विभागों के अधिकारी तथा विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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