डीएमएफ से 31.70 लाख रुपये स्वीकृत, तीन वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम की पूरी फीस होगी वहन
रायगढ़, जिले के खनन प्रभावित क्षेत्रों के 10 युवा अब प्लास्टिक तकनीक में डिप्लोमा कर तकनीकी शिक्षा और रोजगार की दिशा में आगे बढ़ेंगे। जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) ने इन युवाओं के प्रशिक्षण के लिए 31 लाख 70 हजार 80 रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी की पहल से युवाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए यह व्यवस्था की गई है।
इसके तहत चयनित युवा केंद्रीय पेट्रोरसायन अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (सिपेट), कोरबा में डिप्लोमा इन प्लास्टिक मोल्ड टेक्नोलॉजी (डीपीएमटी) और डिप्लोमा इन प्लास्टिक टेक्नोलॉजी (डीपीटी) पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेकर प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। तीन वर्ष की पाठ्यक्रम अवधि का पूरा व्यय डीएमएफ से वहन किया जाएगा। प्रत्येक विद्यार्थी के प्रशिक्षण के लिए लगभग 3.17 लाख रुपये का प्रावधान है, जिससे युवाओं के परिवारों पर शिक्षा का आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।

खनन प्रभावित गांवों के युवाओं को मिलेगा लाभ
डीएमएफ शासी परिषद की 11 मई 2026 को हुई बैठक में लिए गए निर्णय के अनुरूप स्वीकृत इस कार्य को कौशल विकास एवं रोजगार क्षेत्र की उच्च प्राथमिकता वाली गतिविधि में शामिल किया गया है। चयनित युवाओं में घरघोड़ा तहसील के ग्राम पुसल्दा के चार, घरघोड़ी, नवागढ़ और कंचनपुर के एक-एक तथा धरमजयगढ़ तहसील के ग्राम गेरसा के तीन युवा शामिल हैं। इस प्रकार खनन प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं की तकनीकी शिक्षा पर खनिज संस्थान न्यास की राशि खर्च की जाएगी। प्लास्टिक प्रसंस्करण और मोल्ड तकनीक का उपयोग ऑटोमोबाइल, पैकेजिंग, इलेक्ट्रिकल, स्वास्थ्य उपकरण और निर्माण सहित अनेक औद्योगिक क्षेत्रों में होता है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद युवाओं के लिए संबंधित उद्योगों में रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकेंगे। साथ ही, तकनीकी दक्षता के आधार पर वे स्वरोजगार की दिशा में भी आगे बढ़ सकेंगे।


