लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के धाकड़ नेता और पूर्व सीएम भूपेश बघेल की मुश्किलें बढ़ गई है. मिली जानकारी के मुताबिक महादेव सट्टा एप केस में भूपेश बघेल के खिलाफ छत्तीसगढ़ EOW और एसीबी ने एफआईआर दर्ज किया है. प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत यह केस दर्ज किया गया है. छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव के दौरान भूपेश बघेल के खिलाफ महादेव सट्टा एप केस में आरोप लगा था. ईडी ने जांच में आरोप लगाया था कि महादेव सट्टा एप के मालिक रवि उप्पल और सौरभ चंद्राकर से भूपेश ने 508 करोड़ रुपये प्रोटेक्शन मनी के रूप में लेने का काम किया है.
एफआईआर में क्या है:
EOW और एसीबी के एफआईआर में यह कहा गया है कि महादेव बुक एप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और शुभम सोनी ने लाइव ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए एक मंच बनाया. फिर इस मंच को व्हाट्सएप, फेसबुक , टेलीग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित किया. इसके अलावा प्रमोटरों ने अलग अलग प्लेटफॉर्म बनाए. फिर उसके बाद पैनल ऑपरेटरों और शाखा ऑपरेटरों के माध्यम से ऑनलाइन सट्टेबाजी का काम किया. इससे अवैध कमाई की गई. इस कमाई का 70 से 80 फीसदी हिस्सा प्रमोटर्स ने अपने पास रखा बाकी के पैसों को अन्य ऑपरेटरों और शाखा संचालकों में बांट दिया. महादेव बुक ऐप के प्रमोटरों एवं पैनल संचालकों द्वारा अवैध रूप से प्राप्त धन के लेन-देन हेतु फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाते खोले गये. उसके बाद कमीशन के आधार पर सैकड़ों बैंक खातों का संचालन किया गया. इतना ही नहीं पैनल के संचालकों ने अन्य बैंक खातों के जरिए संयुक्त अरब अमीरात में प्रमोटरों को पैसे ट्रांसफर किए. इस मामले में ईडी अब तक नौ लोगों को अरेस्ट किया है.

भूपेश बघेल ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया:
इससे पहले नवंबर 2023 में जब भूपेश बघेल का इस केस में नाम आया था. तब उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया था. भूपेश बघेल कई मंचों पर इस मामले में अपना बयान दे चुके हैं और इसे राजनीतिक दुर्भावना से की गई कार्रवाई बता चुके हैं.आपको बता दें कि भूपेश बघेल को कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में राजनांदगांव से अपना उम्मीदवार बनाया है. ऐसे में उनके खिलाफ महादेव सट्टा एप केस में एफआईआर उनकी मुश्किलें बढ़ा सकता है.



