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वाल्मीकि प्राकट्य दिवस पर विधायक इन्द्र साव ने किया महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान

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सौरभ बरवाड़/भाटापारा :- महर्षि वाल्मीकि जी के प्राकट्य दिवस के अवसर पर विधायक इन्द्र साव ने वाल्मिकी समाज एवं क्षेत्रवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए महर्षि वाल्मीकि जी के जीवन, विचारों और आदर्शों को याद किया। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी भारतीय संस्कृति और साहित्य के महान स्तंभ हैं। उन्होंने रामायण जैसे महान ग्रंथ की रचना कर संपूर्ण मानव समाज को सत्य, धर्म, त्याग, करुणा और मर्यादा का संदेश दिया।

विधायक इन्द्र साव वाल्मीकि समाज द्वारा आयोजित महर्षि वाल्मीकि जी के प्राकट्य दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।श्री साव ने अपने उद्बोधन में आगे कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी का जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि व्यक्ति अपने विचारों, कर्मों और संकल्पों से महान बन सकता है। उनका जीवन परिवर्तन, ज्ञान और आत्मबोध का अनुपम उदाहरण है। उनके द्वारा रचित रामायण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला ऐसा महाकाव्य है, जिसके आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं।

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्श, माता सीता की सहनशीलता, लक्ष्मण की सेवा भावना और भरत के त्याग जैसे प्रसंग हमें कर्तव्यनिष्ठा, पारिवारिक मूल्यों तथा सामाजिक जिम्मेदारियों का बोध कराते हैं। महर्षि वाल्मीकि जी की शिक्षाएं समाज में प्रेम, सद्भाव, समानता और भाईचारे को मजबूत करने का मार्ग दिखाती हैं।

विधायक इन्द्र साव ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी के प्राकट्य दिवस पर हमें उनके बताए मार्ग पर चलने, शिक्षा को बढ़ावा देने, समाज के प्रत्येक वर्ग का सम्मान करने तथा जरूरतमंदों की सहायता करने का संकल्प लेना चाहिए। एक समरस, शिक्षित और न्यायपूर्ण समाज का निर्माण तभी संभव है, जब हम महापुरुषों के विचारों को अपने आचरण में उतारें।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल वरिष्ठ कांग्रेस नेता सतीश अग्रवाल ने सभी नागरिकों से महर्षि वाल्मीकि जी के आदर्शों को अपनाने और सामाजिक एकता एवं सद्भाव को मजबूत बनाने की अपील की और कहा कि जब तक संसार रहेगा तब तक महर्षि वाल्मीकि जी का नाम श्रद्धा और आदर के साथ लिया जाएगा। प्रथम महाकाव्य रामायण के रचनाकार आदिकवि महर्षि वाल्मीकि ही थे।श्री अग्रवाल ने आगे कहा कि वाल्मीकि समाज एक मेहनत कश समाज है, अपने कार्यो और दायित्वों के प्रति ईमानदारी पूर्वक यह समाज लगातार देश ,प्रदेश और नगर की सेवा करते आ रहा है।

विदित हो कि शरद पूर्णिमा की तिथि पर वाल्मीकि समाज द्वारा महर्षि वाल्मीकि जयंती बड़े धूमधाम और श्रद्धा से मनाई जाती है। जयंती के एक दिन पूर्व सामाजिक जनों ने राम जानकी मंदिर से शोभा यात्रा निकाली गई जो नगर के प्रमुख मार्गो से होते हुए वाल्मीकि नगर में जाकर सम्पन्न हुई। इस अवसर पर वाल्मीकि समाज के जिला अध्यक्ष एवं नगर पालिका भाटापारा, शक्ति वार्ड के पार्षद प्रत्येक्ष राठौर, नितिन डागौर, संदीप डागौर, अनूप डागौर, कमलेश डागौर, महेषु राठौर, गणेषु डागौर, सूरज, सुभाष, मन्नी सहित समाज के बड़े बुजुर्ग,महिलाएं ,बच्चे काफी संख्या में उपस्थित थे।

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