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जनजातीय समुदाय को शासन की योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाएं अधिकारी-एसटी आयोग अध्यक्ष मण्डावी

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विभागीय योजनाओं की समीक्षा कर शिक्षा, स्वास्थ्य, वन अधिकार, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं पर दिए निर्देश

रायगढ़, छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रूप सिंह मण्डावी ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में अधिकारियों की बैठक लेकर जनजातीय समुदाय के लिए संचालित योजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाने, प्रचार-प्रसार बढ़ाने और विभागीय समन्वय के साथ कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में आयोग के उपाध्यक्ष श्री एम.डी.ठाकुर, एसटी आयोग के सचिव श्री पवन कुमार नेताम, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुषमा खलखो, श्री गोपाल अग्रवाल, श्रीमती रजनी राठिया, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, डीएफओ श्री अरविंद पीएम, सीईओ जिला पंचायत श्री अभिजीत बबन पठारे, आयुक्त नगर निगम श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय, एडीएम श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, सहायक आयुक्त आदिवासी श्री श्रीकांत दुबे सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

अध्यक्ष श्री मण्डावी ने वन अधिकार पत्रों, सामुदायिक वन संसाधन अधिकार और तेंदूपत्ता संग्राहकों से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने पांचवीं अनुसूची के क्षेत्रों में पेसा कानून का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने तथा ग्रामसभा की सहमति से ही विकास कार्यों के लिए भूमि उपयोग करने और प्रभावितों को उचित मुआवजा देने के निर्देश दिए। धरती आबा अभियान के तहत जिले के 320 गांवों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार तथा बिरहोर और पहाड़ी कोरवा जैसे विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया। अध्यक्ष श्री मण्डावी ने आदिवासी क्षेत्रों में बच्चों के स्कूल पहुंचने के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने, गांवों में पेयजल संकट दूर करने और सड़कों के उन्नयन के निर्देश दिए। बच्चों के टीकाकरण एवं स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों का व्यवस्थित संधारण करने तथा आश्रम-छात्रावासों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा।

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कृषि विभाग को किसानों को खाद-बीज और फसल बीमा सहित योजनाओं का लाभ दिलाने तथा सहकारिता विभाग को जनजातीय परिवारों को कृषि ऋण एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। श्रम विभाग को शिविर लगाकर श्रमिकों का पंजीयन बढ़ाने और योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा। मनरेगा के माध्यम से रोजगार सृजन तथा महिलाओं को आजीविका गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।

अध्यक्ष श्री मण्डावी ने राजस्व विभाग की समीक्षा में भूमि हस्तांतरण, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और अवैध कब्जों से जुड़े मामलों का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने रेत के अवैध खनन एवं परिवहन पर नियमानुसार कार्रवाई करने, लघु उद्योगों के विकास के लिए कार्ययोजना बनाने और जनजातीय युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने हाथी प्रभावित क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने तथा आश्रम-छात्रावासों और प्रभावित क्षेत्रों में सौर ऊर्जा सुविधाएं विकसित करने के निर्देश भी दिए। बैठक के समापन में आयोग के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष को जिला प्रशासन द्वारा स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया।

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