
रायगढ़, राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत आज बालसमुंद कुष्ठ आश्रम में सुरक्षा एवं विकृति बचाव शिविर (पीओडी कैंप) का आयोजन किया गया। शिविर में कुष्ठ रोग से दिव्यांगता के शिकार मरीजों को हाथ-पैर एवं आंखों की नियमित देखभाल करने तथा विकृति से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी गई।
शिविर में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल जगत, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री रंजना पैंकरा, जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. अविनाश चंद्रा, नोडल अधिकारी डॉ. जावेद तथा लोईंग विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रदीप राठौर उपस्थित रहे।

इस दौरान मरीजों को बताया गया कि कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्ति अपने हाथ-पैर और आंखों की नियमित देखभाल करें, ताकि किसी प्रकार की चोट, घाव अथवा विकृति की स्थिति से बचा जा सके। परिवार के किसी भी सदस्य में कुष्ठ रोग के लक्षण दिखाई देने या संदेह होने पर तत्काल जांच कराने की सलाह दी गई। बालसमुंद कुष्ठ आश्रम में घाव से प्रभावित मरीजों की सुविधा के लिए प्रत्येक बुधवार को ड्रेसर द्वारा आश्रम पहुंचकर नियमित रूप से घावों की ड्रेसिंग की जाती है। शिविर के दौरान कॉलोनी के रहवासियों ने अपनी विभिन्न समस्याओं से अधिकारियों को अवगत कराया।
इस पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल जगत ने समस्याओं को कलेक्टर के संज्ञान में लाकर उनके निराकरण के लिए आवश्यक सहयोग करने का आश्वासन दिया। शिविर के आयोजन में फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. अनीता पटेल, श्री एम.पी. साहू, एनएमए श्री एच.एल. नायक, श्री विकास खूंटे, श्री उमेश पटेल, कार्यकर्ता एवं मितानिन श्रीमती शांति बाई का सहयोग रहा।



