End of fear of mafia don, know the complete account of cases registered against Mukhtar Ansari… 65 cases were registered against Mukhtar Ansari.
उत्तर प्रदेश के माफिया डॉन और 5 बार के विधायक रहे मुख्तार अंसारी (Mukhar Ansari Death News) की मौत की खबर है. बताया जा रहा है कि बांदा जेल में गुरुवार को उसे हार्ट अटैक आया था, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी थी. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. मौत की वजह कार्डिएक अरेस्ट बताई जा रही है. मुख्तार अंसारी को अलग-अलग मामलों में 2 बार उम्रकैद हुई थी. वह 2005 से सजा काट रहा था.

मुख्तार अंसारी को 7 मामलों में सजा मिल चुकी थी, जबकि 8 मामले में वह दोषी करार दिया गया था. अप्रैल 2023 में बीजेपी नेता कृष्णानंद राय की हत्या के आरोप में उसे 10 साल की सजा हुई. 13 मार्च 2024 को एक आर्म्स लाइसेंस केस में अंसारी को उम्रकैद की सजा मिली.
मुख्तार अंसारी की मौत की खबर सामने आने के बाद वरिष्ठ पत्रकार आदित्य राज कौल ने अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ से एक पोस्ट की और अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने लिखा, ‘मुख्तार अंसारी की मौत यूपी में बड़े पैमाने पर हत्याओं, हिंसा, भय, धमकियों और अपहरण के साथ माफिया डॉन के खौफ का अंत है। हालांकि कई डॉन आज भी जिंदा हैं – जेल के अंदर और बाहर। फिर भी मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद की मौत गैंगस्टर मानसिकता पर करारा प्रहार है।’
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के मऊ से कई बार विधायक रह चुके मुख्तार अंसारी को विभिन्न मामलों में सजा सुनाई गई थी और वह बांदा की जेल में बंद था। मुख्तार अंसारी के खिलाफ उत्तर प्रदेश, पंजाब, दिल्ली और कई अन्य राज्यों में 60 से ज्यादा मामले लंबित थे।
माफिया मुख्तार अंसारी के खिलाफ सबसे ज्यादा या कहें आधे केस उनके अपने जनपद गाजीपुर के विभिन्न थानों में दर्ज है. इसके बाद वाराणसी और उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का नंबर आता है. इसके अलावा मऊ और नई दिल्ली के थानों में भी उसके खिलाफ मामला दर्ज है. सालों तक इन मुकदमों पर अदालतों में हो रही सुनवाई में अब सजा सुनाई जा रही है.
13 मार्च को 36 साल पुराने फर्जी शस्त्र लाइसेंस के एक मामले में मुख्तार को वाराणसी के एमपी-एमएलए कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी. इससे पहले पांच जून 2023 को भी उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी, यह मुकदमा 1991 में वाराणसी के चेतगंज थाने में 1991 में दर्ज हुआ था.
मुख्तार अंसारी को पहली बार जेल 2005 में हुई, तब से वह सलाखों के पीछे ही था. मुख्तार अंसारी केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि कुछ महीने पंजाब की जेल भी काटकर आया था. एक जेल से दूसरे जेल में लगातार शिफ्ट किए जा रहे मुख्तार असांरी पिछले कई महीनों से मुख्तार बांदा जेल में बंद चल रहा था.
मुख्तार अंसारी के खिलाफ चर्चित मामले
गाजीपुर में भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या
मन्ना हत्याकांड के गवाह रामचंद्र मौर्य की हत्या
फर्जी शस्त्र लाइसेंस हासिल करने पर केस
कांग्रेस के नेता अजय राय के भाई की हत्या
मऊ में ए श्रेणी ठेकेदार मन्ना सिंह हत्याकांड
रामचंद्र मौर्य के बॉडी गार्ड सिपाही सतीश मर्डर केस
इलाहाबाद की स्पेशल एमएलए कोर्ट गैंगस्टर के चार केस
आजमगढ़ के ऐराकला गांव में मजदूर की हत्या
1996 को गाजीपुर में एएसपी शंकर जायसवाल पर जानलेवा हमला
1997 में पूर्वांचल के कोयला कारोबारी रुंगटा अपहरण
मुख्तार अंसारी पर दर्ज थे 65 केस
मुख्तार अंसारी पर हत्या, हत्या के प्रयास, धमकी, धोखाधड़ी और कई अन्य आपराधिक कृत्यों में कुल 65 मामले दर्ज थे. इनमें से 18 मामले हत्या के थे. उसके खिलाफ लखनऊ, गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी, सोनभद्र, मऊ, आगरा, बाराबंकी, आजमगढ़ के अलावा नई दिल्ली और पंजाब में भी मुकदमे दर्ज थे. अंसारी के खिलाफ 2010 में कपिल देव सिंह की हत्या और 2009 में उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में मीर हसन नामक व्यक्ति की हत्या के प्रयास मामले में आरोप साबित हो चुके थे.
मुख्तार अंसारी के खिलाफ ये है चर्चित केस
-24 जुलाई 1990 को शिवपुर के देवेंद्र प्रताप सिंह ने मुख्तार अंसारी के खिलाफ बड़ागांव थाने में डिकैती और अपहरण का मामला दर्ज कराया. इस मामले में सितंबर 1990 को पुलिस ने कोर्ट में अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी.
-इसके बाद 3 अगस्त 1991 को अवधेश राय हत्याकांड में मुख्तार अंसारी के खिलाफ चेतगंज थाने में पूर्व विधायक अजय राय ने मुकदमा दर्ज कराया.
– 23 जनवरी 1997 को अपहरण के मामले में वाराणसी के भेलूपुर थाने में मुख्तार अंसारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया. इस मामले में वह निचली अदालत में दोषमुक्त हो चुका है.
– 6 फरवरी 1998 को भेलूपुर थाने में मुख्तार अंसारी के खिलाफ NSA लगाया गया.
– 1 दिसंबर 1997 को मुख्तार के खिलाफ धमकाने का मामला दर्ज किया गया.
– 17 जनवरी 1999 को भेलूपुर थाने में मुख्तार के खिलाफ धमकाने और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया गया.
– 20 जुलाई 2022 को कैंट थाने में आपराधिक साजिश समेत अन्य आरोपों में मामला दर्ज किया गया.
कुछ लोगों के बीच थी रॉबिनहुड की इमेज
मुख्तार अंसारी की मऊ में कुछ लोगों के बीच रॉबिनहुड की इमेज थी. मऊ के लोग कहते हैं कि बतौर विधायक मुख्तार अंसारी ने अपने इलाके में विकास के कई काम किए. सड़कों की मरम्मत कराई. स्कूल बनवाएं. अस्पताल खोले, बिजली-पानी का इंतजाम किया. गरीबों की मदद की. बताया जाता है कि विधायक रहते हुए मुख्तार अंसारी अपने क्षेत्र में विधायक निधी से 20 गुना ज़्यादा पैसा खर्च करता था.



