Iran directly attacked Israel, fired missiles; 185 drones, 110 ballistic and 36 cruise missiles…
इजरायल पर आज तड़के ईरान के हमले ने तीसरे विश्वयुद्ध की घंटी बजा दी है। ईरान ने एक अप्रत्याशित कदम उठाते हुए रविवार तड़के इजरायल पर भीषण हमला कर दिया। इस दौरान ईरान ने इजरायल पर सैंकड़ों ड्रोन, बैलेस्टिक मिसाइल और क्रूज मिसाइलें दागकर खलबली मचा दी। ‘‘आज तड़के ईरान के साथ ही साथ यमन, सीरिया और इराक के ईरानी हमदर्दों ने भी इजरायल में सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते हुए अप्रत्याशित हमला किया। चौतरफा हमलों से इजरायल बौखला गया। हालांकि इजरायली सेना ने इनमें से ज्यादातर हमलों को नाकाम कर दिया। अमेरिका ने भी ईरान समेत अन्य देशों के ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराने में इजरायल की मदद की।

इस समय दुनिया में कई मोर्चों पर युद्ध लड़े जा रहे हैं. इस बीच ईरान ने आधीरात को इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन अटैक किए हैं. ईरान ने इजरायल पर 300 से ज्यादा अलग-अलग तरह के ड्रोन हमले किए हैं इनमें किलर ड्रोन से लेकर बैलिस्टिक मिसाइल और क्रूज मिसाइलें शामिल हैं. जेरूशलम सहित इजरायल के कई शहरों में धमाकों और सायरन की आवाज सुनी जा रही है. पूरे देश की किलाबंदी कर दी गई है. इजरायली सेना ने एयर डिफेंस सिस्टम को एक्टिवेट कर दिया है. सेना को हाई अलर्ट कर दिया गया है.
कहा जा रहा है कि ईरान अगले कुछ घंटों में इजरायल पर और ज्यादा मिसाइल अटैक कर सकता है. इजरायल पर अंधाधुंध हमले कर रहे ईरान ने दो टूक कहा है कि ये इजरायल के लगातार किए जा रहे उसके अपराधों की सजा है. ईरान की सेना ने बयान जारी कर इस हमले को Operation True Promise का नाम दिया है.
इजराली सेना IDF के प्रवक्ता रियर एडमिरल डेनियल हगारी का कहना है कि ईरान ने इजरायल पर सीधे हमले शुरू किए हैं. ईरान के किलर ड्रोन्स पर हम नजर रखे हुए हैं. ईरान के हमले में दक्षिणी इजरायल के सैन्य बेस को हल्का नुकसान पहुंचा है. इजरायल ने एरो एरियल डिफेंस सिस्टम के जरिए इन अधिकतर मिसाइलों को मार गिराया है. अल अक्सा के गोल्डन डोम के ऊपर आसमान में कई मिसाइलों को मार गिराया है.
इजरायल के अधिकारियों का हवाला
इजरायल के दो अधिकारियों का हवाला दिया है. इन अधिकारियों का कहना है कि कुल मिलाकर 331 ड्रोन और मिसाइलें उनके देश की तरफ दागी गईं. इनमें से 185 ड्रोन, 110 सरफेस टू सरफेस मार करने वाली मिसाइलें और 36 क्रूज मिसाइलें थीं. बता दें कि मारक क्षमता के लिहाज से क्रूज मिसाइलें काफी खतरनाक होती हैं. यह अपने टारगेट को तबाह करने में ज्यादा सक्षम होते हैं. इसमें अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है.
इस कारण ईरान कर रहा हमला
एक अप्रैल को सीरिया की राजधानी दमिश्क स्थित ईरानी दूतावास पर हवाई हमले में सीनियर जनरल समेत ईरानी सेना के सात सैन्य अधिकारियों के मारे जाने के बाद ईरान ने इजरायल को दंडित करने का एलान किया है। इस हमले के लिए ईरान ने इजरायल को जिम्मेदार माना है। इसके बाद ईरान में मिसाइलों और हमलावर ड्रोन को लेकर हलचल देखी गई है।
अमेरिका और यूएन समेत इन देशों ने की निंदा
इजरायल पर ईरानी हमले के बाद अमेरिका, संयुक्त राष्ट्र , फ्रांस, ब्रिटेन आदि देशों ने ईरान के हमले की निंदा की है। भारत ने इजरायल और ईरान दोनों देशों से शांति बनाए रखने की अपील की है। युद्ध बढ़ने की आशंका के मद्देनजर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने तत्काल जी-7 देशों की बैठक बुलाई है। उधर ईरान ने यूएन को पत्र लिखकर कहा है कि अगर अब इजरायल ने हमला किया तो वह घातक प्रहार करेगा।
तीसरे विश्व युद्ध की बज गई घंटी
विशेषज्ञों के अनुसार इजरायल पर ईरान के सीधे हमले ने तीसरे विश्व युद्ध की आशंका को बढ़ा दिया है। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज में में डिप्लोमेसी के असिस्टेंट प्रो. डा. अभिषेक श्रीवास्तव का कहना है कि जब अक्टूबर में इजरायल-हमास युद्ध की शुरुआत हुई थी, तभी से यह आशंका बढ़ गई थी कि इसमें अन्य देशों की भी एंट्री होगी। बाद में वही हुआ। इस युद्ध में लेबनान, यमन, सीरिया और ईरान के चरमपंथी गुटों (हिजबुल्ला, हूतिये) जैसे संगठनों ने सीधे इजरायल से युद्ध छेड़ा। अब इजरायल और ईरान में भिड़ंत हो गई है। ऐसा लग रहा है कि इजरायल भी बदला जरूर लेगा। वह इस हमले के बाद चुप नहीं बैठने वाला है। प्रो. अभिषेक श्रीवास्तव ने कहा कि इजरायल अमेरिका का स्ट्रैटेजिक पार्टनर है। ऐसे में वह इजरायल की इसमें पूरी मदद करेगा। हालांकि बीच में भले अमेरिका इजरायल पर सख्त हुआ था, मगर इस क्षेत्र में अपनी मजबूती बनाए रखने के लिए अब वह इजरायल को पूरा समर्थन देगा।
रूस और चीन करेंगे ईरान की मदद
प्रो. अभिषेक ने कहा कि ऐसे हालात में इधर रूस और चीन ईरान की मदद करेंगे। वहीं उत्तर कोरिया भी रूस और चीन के साथ है। ऐसे में यह तनाव कोई भी खतरनाक रुख अख्तियार कर सकता है। रूस और यूक्रेन युद्ध पहले से ही चल रहा है। उन्होंने कहा कि जहां तक भारत का सवाल है तो इजरायल और ईरान दोनों ही देशों से हमारे संबंध काफी अच्छे हैं। इसलिए भारत ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है। भारत यह प्रयास भी करेगा कि दोनों पक्षों में शांति कायम हो। साथ ही भारत की प्राथमिकता इजरायल-ईरान में फंसे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें वहां से बाहर निकालने को लेकर भी रहेगी। मध्य-पूर्व के अन्य देश भी इस युद्ध की चपेट में आएंगे। ऐसे में इसका असर भारत की ऊर्जा जरूरतों पर भी पड़ेगा। ऊर्जा सप्लाई चेन बाधित हो सकती है। मध्य-पूर्व में यह संघर्ष अभी क्या मोड़ लेगा, इस पर भारत-अमेरिका समेत सभी देशों की नजर है।
आखिर इस्राइल पर ईरान ने क्यों किया हमला?
इस्राइल और ईरान के बीच बढ़े तनाव के पीछे पिछले सप्ताह हुई एक घटना है। दरअसल, 1 अप्रैल को युद्धक विमानों से सीरिया की राजधानी दमिश्क में ईरानी वाणिज्य दूतावास पर हमला किया गया था। हमले में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) के अल-कुद्स बल के एक वरिष्ठ कमांडर सहित कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई। ये सभी दमिश्क दूतावास परिसर में एक बैठक में भाग ले रहे थे। हमले का आरोप इस्राइल पर लगाया गया, जिसने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली।
हमले के बाद ईरान के नेताओं ने राजनयिक मिशन को निशाना बनाए जाने की निंदा की थी। इसके साथ ही कड़ी प्रतिक्रिया देने की बात कही। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने कहा था कि इस्राइल को उसके ऑपरेशन के लिए दंडित किया जाना चाहिए और किया भी जाएगा। खामेनेई ने कहा था कि यह ईरानी धरती पर हमले के बराबर है।



