मां अन्नपूर्णा रसोई ने पूरे किए दो वर्ष
संरक्षक डॉ. प्रशांत पांडे के सतत मार्गदर्शन और संरक्षक प्रेम नारायण मौर्य के सक्रिय नेतृत्व में पूर्वांचल भोजपुरी समाज रायगढ़ की सेवा यात्रा निरंतर जारी, मातृ शिशु अस्पताल में रोजाना जरूरतमंद परिजनों को मिल रहा निःशुल्क भोजन।
रायगढ़। सेवा, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करते हुए पूर्वांचल भोजपुरी समाज रायगढ़ द्वारा संचालित ‘मां अन्नपूर्णा रसोई’ ने निःस्वार्थ सेवा के दो वर्ष सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। विगत दो वर्षों से यह सेवा अभियान निरंतर मातृ शिशु अस्पताल, रायगढ़ में भर्ती मरीजों के परिजनों को प्रतिदिन निःशुल्क भोजन उपलब्ध करा रहा है। इस पुनीत कार्य से हजारों जरूरतमंद परिवारों को राहत मिली है और समाज सेवा का यह अभियान पूरे जिले में प्रेरणा का विषय बन गया है।
इस सेवा अभियान की सफलता के पीछे समाज के संरक्षक डॉ. प्रशांत पांडे का विशेष योगदान रहा है। उनके मार्गदर्शन, प्रेरणा और निरंतर सहयोग से मां अन्नपूर्णा रसोई सेवा का यह कारवां बिना किसी बाधा के लगातार आगे बढ़ रहा है। डॉ. पांडे ने समाज सेवा को केवल विचार तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे जनसेवा के सशक्त अभियान का रूप दिया, जिससे अस्पताल में उपचाररत मरीजों के परिजनों को कठिन परिस्थितियों में भोजन की चिंता से मुक्ति मिल रही है।
वहीं, समाज के संरक्षक एवं प्रधान संपादक प्रेम नारायण मौर्य ने भी इस सेवा अभियान को निरंतर गति देने में सक्रिय भूमिका निभाई है। उन्होंने स्वयं नियमित रूप से सेवा कार्यों में सहभागिता करते हुए समाज के पदाधिकारियों एवं सदस्यों को जनसेवा के लिए प्रेरित किया। उनके नेतृत्व और समर्पण ने मां अन्नपूर्णा रसोई को समाज की सबसे सफल एवं मानवीय सेवा परियोजनाओं में शामिल कर दिया है।

पूर्वांचल भोजपुरी समाज के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों एवं समाजसेवियों ने भी इस अभियान को सफल बनाने में अपना आर्थिक, शारीरिक एवं नैतिक सहयोग प्रदान किया। सभी के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है कि यह सेवा बिना किसी अवरोध के लगातार संचालित हो रही है और प्रतिदिन अनेक जरूरतमंद परिवारों तक निःशुल्क भोजन पहुंच रहा है।
इसी क्रम में आज मातृ शिशु अस्पताल परिसर में आयोजित भोजन वितरण कार्यक्रम के दौरान समाज के संरक्षक प्रेम नारायण मौर्य, शिव लोचन यादव, उपाध्यक्ष ऋषिकांत पांडे, बिहारी लाल खत्री, बजरंग दीक्षित, विजय नारायण मौर्य सहित अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने स्वयं भोजन वितरण कर मरीजों के परिजनों का हालचाल जाना और उन्हें हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
समाज के संरक्षक शिव लोचन यादव ने कहा कि ‘मां अन्नपूर्णा रसोई’ केवल भोजन वितरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि मानव सेवा और सामाजिक संवेदनशीलता का सशक्त अभियान है। भविष्य में भी यह सेवा निरंतर जारी रहेगी ताकि अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों को कठिन समय में भोजन के लिए किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
पूर्वांचल भोजपुरी समाज रायगढ़ का यह सेवा अभियान आज यह संदेश दे रहा है कि यदि समाज एकजुट होकर जनकल्याण का संकल्प ले, तो मानवीय सेवा की मिसाल कायम की जा सकती है। डॉ. प्रशांत पांडे के मार्गदर्शन और प्रेम नारायण मौर्य सहित समाज के पदाधिकारियों और सदस्यों के सक्रिय नेतृत्व में मां अन्नपूर्णा रसोई जरूरतमंदों के लिए उम्मीद और सहारे का पर्याय बन चुकी है।



