सौरभ बरवाड़ /बलौदाबाजार – भाटापारा- 14 सितम्बर 2026/भाटापारा के टेहका रोड स्थित समीर ध्रुव के फार्म हाउस में सुअरों की बीमारी और मौत के मामले में पशुपालन विभाग ने स्थिति स्पष्ट की है। विभाग के अनुसार सूअरों की मौत ‘स्वाइन फ्लू’ से होने की पुष्टि नहीं हुई है बल्कि अफ्रीकन स्वाइन फीवर की आशंका है। सुरक्षा के मद्देनजर प्रभावित फार्म को पूरी तरह से क्वारंटीन कर दिया गया है और 1 किलोमीटर के दायरे में निगरानी बढ़ा दी गई है।
उप संचालक पशु चिकित्सा डॉ नरेंद्र सिंह ने बताया कि
1 सितंबर 2026 सुअरों के बीमार होने की सूचना मिलते ही पशु चिकित्सालय भाटापारा के डॉक्टरों और कर्मचारियों द्वारा इलाज शुरू किया गया। 7 सितम्बर को बीमार सुअरों के रक्तपट्टी एवं सैंपल एकत्र कर जिला रोग अन्वेषण प्रयोगशाला भेजे गए।इसके पश्चात जिला रोग अन्वेषण प्रयोगशाला और जिला कार्यालय की संयुक्त टीम ने फार्म का दौरा कर आवश्यक जांच की। इसके बाद सैंपल परीक्षण एवं बीमारी की पुष्टि हेतु राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान (NIHSAD) भोपाल भेजे गए हैं, जिसकी रिपोर्ट आना अभी बाकी है।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्वाइन फ्लू (H1N1) मुख्य रूप से इंसानों को प्रभावित करने वाला रोग है। सुअरों में इस समय ‘अफ्रीकन स्वाइन फीवर’ होने की आशंका है, जिसकी अंतिम पुष्टि भोपाल प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।
पशुपालन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें।यह बीमारी जूनोटिक (पशु-जनित रोग) नहीं है, यानी यह सुअरों से मनुष्यों में नहीं फैलती है और इंसानों के स्वास्थ्य के लिए पूरी तरह सुरक्षित है। एहतियात के तौर पर फार्म के 1 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी सुअर पालकों की सघन निगरानी की जा रही है।



