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उपभोक्ता की संतुष्टि अनुसार करना होग़ा बोर खनन, आयोग ने ठीक से कार्य नहीं करने पर दिया आदेश

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सौरभ बरवाड़/बलौदाबाजार-,15जुलाई 2026/ बोर खनन कार्य सही तरीके से नही करने तथा खनन में आई कमी को दूर करने में आना -कानी करने के मामले में उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग बलौदाबाजार द्वारा विरोधी पक्षकार को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए उपभोक्ता की संतुष्टि अनुसार बोरिंग के कार्य को आदेश दिनांक से 45 दिवस के भीतर पूर्ण किये जाने का आदेश दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम कोनी भाटापारा निवासी परिवादी उत्तरा कोसले द्वारा विरोधी पक्षकार मोहित वर्मा निवासी मोती बाड़ी, भाटापारा से अनुबंध स्थापित कर अपनी निजी भूमि में 400 फीट की गहराई का बोर कराने बाबत 50080 रुपए का भुगतान किया, परंतु विरोधी पक्षकार द्वारा उक्त भूमि में मात्र 325 फीट गहराई का खोदाई कार्य किया। 1 केसिंग के स्थान पर 3 केसिंग पाइप डाला गया जो नीचे जाकर मुड़ गया जिससे बोरवेल में मोटर स्थापित नही हो पाया।उक्त कमियों को दूर किये जाने बाबत विरोधी पक्षकार से अनुरोध किया गया जिसे विरोधी पक्षकार ने अस्वीकार कर दिया जिससे परिवेदित होकर परिवादी द्वारा जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग बलौदाबाजार में परिवाद प्रस्तुत किया गया।

Ro.No - 13848/144

आयोग के अध्यक्ष रंजना दत्ता एवं सदस्यगण श हरजीत सिंह चांवला व शारदा सोनी ने पेश दस्तावेजों आदि का सूक्ष्मता से अध्ययन कर पाया कि विरोधी पक्षकार द्वारा तर्क दिया गया कि परिवादी की उपस्थिति में बोरवेल खनन का कार्य किया गया था। पर्याप्त पानी आने से परिवादी द्वारा ही 325 फीट से आगे खनन कार्य को रोका गया था। विरोधी पक्षकार द्वारा डाले गए केसिंग पाइप के मुड़ने के कारण परिवादी का क्रय किया हुआ 5 एच पी का मोटर पम्प बोर में स्थापित नही हो पाया और बोर अक्रियाशील रह गया।परिवादी ने मिस्त्री को बुलाकर उक्त बोर में पम्प स्थापित करने का प्रयास किया परन्तु कार्य सफल नहीं हो पाया। विरोधी पक्षकार को पंजीकृत नोटिस के माध्यम से संपर्क कर बोरवेल खोदाई में आई कमी से अवगत कराया परंतु विरोधी पक्षकार के द्वारा कोई कार्य नही किया गया। बोरवेल के खनन के पश्चात् कही अन्य स्थान पर भी बोरवेल का खनन नही किया गया है। विरोधी पक्षकार के द्वारा राशि तो लिया गया परंतु सुविधाएं उपभोक्ता को प्रदान नहीं की गई है जो व्यवसायिक कदाचरण की श्रेणी का कृत्य है।विरोधी पक्षकार के उपेक्षापूर्ण कृत्यों के कारण परिवादी को परेशान होकर उक्त परिवाद आयोग के समक्ष प्रस्तुत करना पड़ा है।

आयोग ने विरोधी पक्षकार मोहित वर्मा मोती बाड़ी भाटापारा को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए उपभोक्ता की संतुष्टी के अनुसार अनुबंध के अनुरूप बोरिंग के कार्य को आदेश दिनांक से 45 दिवस के भीतर पूर्ण किये जाने का आदेश दिया है। विहित समयावाधि में कार्य नहीं करने पर खनन के मद में प्राप्त राशि 50000 रूपये में से 30 प्रतिशत राशि कटौती कर शेष राशि परिवादी को प्रदाय करेगा एवं उपभोक्ता को मानसिक व आर्थिक क्षतिपूर्ति हेतु राशि 5000 तथा वाद-व्यय हेतु 3000 रूपये परिवादी आदेश दिनांक से 45 दिवस के भीतर प्रदाय किये जाने का आदेश किया गया है।

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