Home Blog सुशासन से बदली डल्ला की तस्वीर, ललिता बनीं महिला सशक्तिकरण की मिसाल

सुशासन से बदली डल्ला की तस्वीर, ललिता बनीं महिला सशक्तिकरण की मिसाल

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शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़ रहीं महिलाएं

रायपुर, 

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के सुदूर आदिवासी अंचल में स्थित ग्राम डल्ला में संकट के समय प्रशासन और संवेदनशील सुशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक गर्भवती महिला विकट परिस्थितियों के बावजूद समय पर चिकित्सा और राहत पहुँचाकर सरकार ने दुर्गम क्षेत्रों में भी विकास और भरोसे की नई तस्वीर पेश की है।

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छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अब सुदूर और कभी नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों के लोगों तक भी पहुंच रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बीजापुर जिले के उसूर तहसील अंतर्गत ग्राम डल्ला, येर्राबोरू इसका उदाहरण है। कभी चुनौतियों के कारण जहां शासकीय योजनाओं का लाभ लेना कठिन था, वहीं अब ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ रही है और वे विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।  इसी बदलाव की प्रेरक कहानी ग्राम डल्ला की महिला कुरसम ललिता, पति श्री रमेश की है। ललिता ने जागरूक होकर अपना आधार कार्ड बनवाया। यही आधार कार्ड आगे चलकर उनके लिए शासकीय योजनाओं का लाभ लेने का माध्यम बना।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से मिला सहारा

पहली बार गर्भवती होने पर ललिता ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती हीना शेख से संपर्क किया। कार्यकर्ता ने उन्हें प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की जानकारी दी और आवेदन की प्रक्रिया पूरी कराने में सहयोग किया। योजना के तहत ललिता को 5 हजार रुपये की सहायता राशि मिली। ललिता ने इस राशि का उपयोग पौष्टिक आहार, फल और आवश्यक दवाइयों के लिए किया। इससे उन्हें गर्भावस्था के दौरान अपने और अपने शिशु के स्वास्थ्य का बेहतर ध्यान रखने में मदद मिली।

ललिता बताती हैं कि यदि उन्होंने समय पर आधार कार्ड नहीं बनवाया होता तो उन्हें योजना का लाभ लेने में कठिनाई हो सकती थी। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हीना शेख के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

जागरूकता से बढ़ रही महिलाओं की भागीदारी

ग्राम डल्ला में अब महिलाएं अपने अधिकारों और शासकीय योजनाओं के प्रति जागरूक हो रही हैं। वे स्वयं ब्लॉक मुख्यालय पहुंचकर आवश्यक दस्तावेज बनवा रही हैं और योजनाओं का लाभ लेने के लिए आगे आ रही हैं। यह बदलाव बताता है कि जब योजनाओं की जानकारी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती है और हितग्राही जागरूक होकर उनका लाभ लेते हैं, तो विकास की राह और मजबूत होती है।

सुशासन से विकास और विश्वास की नई राह

राखी के पावन पर्व पर ललिता की कहानी महिला सशक्तिकरण का प्रेरक संदेश देती है। एक महिला की जागरूकता उसके परिवार के स्वास्थ्य और भविष्य को बेहतर बनाने के साथ ही समाज में सकारात्मक बदलाव की नींव रखती है।

“हर बहन के चेहरे पर मुस्कान, विष्णु भैया का यही अरमान”

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप राज्य सरकार सुरक्षा, स्वास्थ्य, सम्मान और आत्मनिर्भरता के अवसरों को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में पहचाना जाने वाला डल्ला आज सुशासन, जागरूकता और शासकीय योजनाओं के प्रभाव से विकास और विश्वास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है।

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