छत्तीसगढ़ में मानसूनी गतिविधियों ने एक बार फिर रफ़्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, प्रदेश भर में अगले एक सप्ताह तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। राजधानी रायपुर में मंगलवार सुबह से ही हल्की बूंदाबांदी के साथ काले बादलों ने डेरा जमा रखा है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के उत्तरी इलाकों में मानसून का असर सबसे अधिक देखने को मिलेगा।
उत्तरी छत्तीसगढ़ में सिमटी मानसूनी गतिविधियां

बीते गुरुवार से राज्य में भारी बारिश का दूसरा दौर शुरू हुआ था, जो अब धीरे-धीरे धीमा पड़ रहा है और अगले एक-दो दिनों में इसके कमजोर पड़ने के आसार हैं। हालांकि, पिछले 24 घंटों में मानसूनी गतिविधियां मुख्य रूप से राज्य के उत्तरी क्षेत्रों में केंद्रित रहीं, जहां कुछ स्थानों पर भारी से अति-भारी बारिश दर्ज की गई।
60 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं और बिजली की आशंका:
गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदाबाज़ार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, दुर्ग, बेमेतरा और मुंगेली जिलों में सुबह के समय 60 किमी प्रति घंटे की तेज़ रफ़्तार से हवाएं चलने, गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
प्रदेश भर में हल्की से मध्यम बारिश का यलो अलर्ट:
दक्षिण से लेकर उत्तर छत्तीसगढ़ के लगभग सभी जिलों—सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदाबाज़ार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, जीपीएम (गौरेला-पेंड्रा-मरवाही), दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर में हल्की से मध्यम वर्षा के आसार हैं। इन सभी क्षेत्रों के लिए मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है।



