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आदिवासी ध्रुव गोंड समाज के आयोजन में शामिल हुए नगर पालिका अध्यक्ष अश्वनी शर्मा, समाजजनों को दी शुभकामनाएं

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सौरभ बरवाड़/भाटापारा- खोखली- विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर ग्राम खोखली में आदिवासी ध्रुव गोंड समाज, खोखली-टिकुलिया चक द्वारा गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नगर पालिका परिषद भाटापारा के अध्यक्ष अश्वनी शर्मा विशेष रूप से सम्मिलित हुए। उन्होंने समाजजनों से आत्मीय मुलाकात कर विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं दीं तथा आदिवासी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों को नमन किया।

कार्यक्रम में आदिवासी समाज की गौरवशाली परंपराओं, लोक संस्कृति, रीति-रिवाजों एवं प्रकृति के साथ उनके गहरे संबंध पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज ने सदियों से अपनी विशिष्ट संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों को संरक्षित रखा है। उनकी लोककला, भाषा, परंपराएं, सामाजिक व्यवस्था और प्रकृति के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण भारतीय संस्कृति को और अधिक समृद्ध बनाते हैं।

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इस अवसर पर समाज की एकजुटता, सामाजिक समरसता एवं युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने की आवश्यकता पर भी विशेष रूप से जोर दिया गया। उपस्थित समाजजनों ने अपनी परंपराओं और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ समाज के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।

आदिवासी समाज भारत की सांस्कृतिक आत्मा का महत्वपूर्ण हिस्सा – अश्वनी शर्मा

नगर पालिका अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि आदिवासी समाज भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न और गौरवपूर्ण हिस्सा है। उनकी जीवनशैली, परंपराएं और प्रकृति के साथ उनका सामंजस्यपूर्ण संबंध हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने कहा, “विश्व आदिवासी दिवस केवल एक उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के गौरवशाली इतिहास, संस्कृति, परंपराओं और योगदान को सम्मानपूर्वक स्मरण करने का दिन है। आदिवासी समाज ने अपनी मेहनत, साहस, त्याग और संघर्ष से देश की सामाजिक एवं सांस्कृतिक यात्रा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।”

श्री शर्मा ने कहा कि आदिवासी समाज की सबसे बड़ी विशेषताओं में प्रकृति के प्रति सम्मान, सामाजिक एकजुटता और अपनी परंपराओं के प्रति गहरी निष्ठा शामिल है। आज आवश्यकता है कि आधुनिक विकास के साथ-साथ उनकी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं का भी संरक्षण किया जाए।

उन्होंने आगे कहा, “हमारी आने वाली पीढ़ियां अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी रहें, इसके लिए समाज के वरिष्ठजनों के अनुभव और युवाओं की ऊर्जा को साथ लेकर आगे बढ़ना होगा। हमारी लोक परंपराएं, रीति-रिवाज और सांस्कृतिक विरासत हमारी पहचान हैं। इन्हें संरक्षित करना केवल किसी एक समाज की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हम सभी का सामूहिक दायित्व है।”

नगर पालिका अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा आदिवासी समाज के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार और मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना ही सुशासन और समावेशी विकास की वास्तविक भावना है।

युवा पीढ़ी को विरासत से जोड़ना जरूरी

कार्यक्रम के दौरान अश्वनी शर्मा ने समाज के युवाओं से अपनी संस्कृति, इतिहास और परंपराओं को जानने तथा आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी यदि अपनी जड़ों से जुड़ी रहेगी तो वह आधुनिकता के साथ अपनी सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती से आगे ले जा सकेगी।

उन्होंने आदिवासी ध्रुव गोंड समाज, खोखली-टिकुलिया चक द्वारा विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक एकता, सांस्कृतिक जागरूकता और नई पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम में समाज के पदाधिकारी, वरिष्ठजन, युवा, महिलाएं एवं बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। सभी ने आपसी भाईचारे, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के संकल्प के साथ विश्व आदिवासी दिवस मनाया।

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