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चलते ई-रिक्शा को बंद करने वाले दो चीनी ऐप्स बैन: ब्लूटूथ से बंद कर देते थे बैटरी, आईटी एक्ट के तहत हो सकती है 3 साल की जेल

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देश की राजधानी दिल्ली समेत कई इलाकों में चलते ई-रिक्शा को दूर से ही बंद कर देने वाले दो चीनी मोबाइल ऐप्स पर केंद्र सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। सरकार ने BAT-BMS नाम के इन दोनों खतरनाक चीनी ऐप्स को तुरंत प्रभाव से ऐप स्टोर और प्ले स्टोर से हटाने (बैन करने) का आदेश दे दिया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस तकनीक से इलेक्ट्रिक कारों और इलेक्ट्रिक स्कूटरों को कोई खतरा नहीं है।

आईटी सेक्रेटरी ने की कार्रवाई की पुष्टि

सीआईआई (CII) साइबर सिक्योरिटी समिट के दौरान केंद्रीय आईटी सचिव (IT Secretary) एस. कृष्णन ने इस कार्रवाई की पुष्टि की। उन्होंने कहा:
“यह पूरी तरह सच है। हमें कल ही ऐसे दो ऐप्स के बारे में जानकारी मिली थी, जिसके तुरंत बाद दोनों को ऐप स्टोर से हटा दिया गया है। ऐप स्टोर्स को पूरी सावधानी बरतनी चाहिए और सरकार इस मामले को उनके सामने उठाएगी ताकि भविष्य में ऐसे नुकसान पहुंचाने वाले ऐप्स प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध न हो सकें।”

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क्या है BAT-BMS ऐप और कैसे होता था खेल?

• किसने बनाया: इस ऐप को चीनी कंपनी ‘शेनजेन ग्रीनएनर्जी टेक्नोलॉजी’ (Shenzhen GreenEnergy Technology) ने डेवलप किया है, जो खुद स्मार्ट लिथियम बैटरीज बनाती है।
• काम करने का तरीका: यह ऐप ब्लूटूथ के जरिए ई-रिक्शा में लगी स्मार्ट लिथियम बैटरी से कनेक्ट हो जाता है। इसका मुख्य काम बैटरी का चार्जिंग स्टेटस और वोल्टेज देखना है।
• बदमाशों ने बनाया हथियार: इस ऐप में बैटरी को ऑन या ऑफ करने का भी फीचर है। इसी का फायदा उठाकर कुछ शरारती तत्व और बदमाश ब्लूटूथ रेंज में आकर चलते हुए ई-रिक्शा की बैटरी को अचानक ऑफ कर देते थे, जिससे बड़ा हादसा होने का डर बना रहता था।

मजाक नहीं, यह बड़ा अपराध है: 3 साल की जेल और 5 लाख का जुर्माना

इंटरनेशनल कमीशन ऑफ साइबर सिक्योरिटी लॉ के चेयरमैन और देश के जाने-माने साइबर विशेषज्ञ पवन दुग्गल ने इस मामले पर लोगों को सचेत किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसा करना कोई सामान्य मजाक नहीं बल्कि एक गंभीर साइबर अपराध है:
1. आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई: किसी भी ई-रिक्शा के कंप्यूटर सिस्टम या बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम में मालिक की अनुमति के बिना प्रवेश करना Information Technology (IT) Act, 2000 की धारा 66 और धारा 43 के तहत दंडनीय अपराध है।
2. कड़ी सजा का प्रावधान: इस तरह की अवैध हैकिंग या छेड़छाड़ करने वाले को 3 साल तक की जेल और 5 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।

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