YouTuber Elvish Yadav got bail before Holi in the case of asking for snake venom, lawyer told what happened in the court
पांच दिन नोएडा की जेल में रहने के बाद एल्विश यादव की जमानत याचिका को कोर्ट ने मंजूरी दे दी है। सांपों के जहर की तस्करी मामले में एल्विश के अलावा उनके दोनों दोस्तों को भी बेल मिल गई है। यूट्यूबर के वकील ने मीडिया से बातचीत में बताया, ‘बेल पर सुनवाई हुई थी। और माननीय कोर्ट ने ऑर्डर पास कर दिया है। उनको जमानत मिल गई है। 50-50 हजार के दो मुचलके पर। जमानत दाखिल कर दिए जाएंगे।’

एल्विश यादव को 17 मार्च को नोएडा पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया था और बाद में गिरफ्तार कर लिया था. पुलिस ने पूछताछ के बाद एल्विश को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था. बाद में नोएडा पुलिस ने सांप और उसके जहर की तस्करी के मामले में दो और आरोपियों ईश्वर और विनय को भी गिरफ्तार किया था.
गिरफ्तारी पर DCP नोएडा विद्या सागर मिश्रा का कहना था, ‘वन्य जीव संरक्षण अधिनियम-1972 के तहत (एल्विश यादव और अन्य के खिलाफ) मामला दर्ज किया गया था. आज उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया था.’
बताया जा रहा है कि ‘केस की विवेचना की जा रही है. इस दौरान जिसके नाम सामने आएंगे या साक्ष्य सामने आएंगे, व्यक्तिगत रूप से पूछताछ की जाएगी. वीडियो की बारिकी से जांच की जा रही है. हम पूरे वीडियो फुटेज का अवलोकन कर रहे हैं और प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की जांच कर रहे हैं. जिन भी लोगों के नाम सामने आएंगे उनसे पूछताछ की जाएगी. यूट्यूब पर कई वीडियो उपलब्ध हैं और हम इसकी भी जांच कर रहे हैं.’
बीते दिनों एल्विश यादव के माता-पिता ने कई मीडिया चैनल्स को इंटरव्यू दिया था. इस दौरान वो कहते दिखे थे कि, बच्चे का नाम है इसलिए एनजीओ वाले उसे जान बूझकर फंसा रहे हैं. उन्होंने कहा कि, हमारा बेटा निर्दोष है उसने ऐसा कुछ भी नहीं किया है. वहीं, आरोप कबूलने के मामले में एल्विश के पिता ने बताया कि, ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है, मैं उस वक्त उसके साथ था. जब नोएडा पुलिस उसे ले गई थी. वहीं पिता ने कई और खुलासे भी किए थे. जिसमें कहा गया था कि, एल्विश के पास कोई लग्जरी गाड़ी नहीं है. वो किराए पर लेकर वीडियो बनाता है.
दरअसल बीते दिनों ही एल्विश को भारी सुरक्षा के बीच सूरजपुर न्यायालय में पेश किया गया था. उसपर दर्ज मुकदमें में जो धारा लगी थी, उसमें एक को संशोधित किया गया था. बता दें कि, पहले लगाई गई धारा 8/20 को संशोधित कर 8/22 किया गया था.



