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विकसित भारत मिशन के तहत ग्रामीणों को मिलेगा 125 दिनों का रोजगार, 1 जुलाई से देशभर में लागू होगी योजना

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Under the ‘Viksit Bharat Mission’, villagers will receive 125 days of employment; the scheme will be implemented nationwide starting July 1.

जिले में चार माह से चल रही व्यापक तैयारियां, जन-जागरूकता अभियान बना चर्चा का केंद्र

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रायगढ़,  भारत सरकार द्वारा ग्रामीण विकास एवं रोजगार सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम उठाते हुए 11 मई 2026 को “विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) वीबी-जीराम-जी, अधिनियम, 2025” के कार्यान्वयन की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। यह महत्वाकांक्षी योजना आगामी 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में प्रभावी रूप से लागू की जाएगी। सरकार की इस नई पहल को ग्रामीण भारत के आर्थिक एवं सामाजिक विकास की दिशा में एक क्रांतिकारी निर्णय माना जा रहा है।

इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना, रोजगार के स्थायी अवसर उपलब्ध कराना तथा गांवों को आत्मनिर्भर बनाना है। योजना के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को वर्ष में 125 दिनों के सुनिश्चित रोजगार की गारंटी दी जाएगी। इससे ग्रामीण युवाओं, महिलाओं एवं श्रमिक वर्ग को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध होगा, जिससे शहरों की ओर होने वाले पलायन में भी कमी आने की संभावना है। विशेषज्ञों के अनुसार यह योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचना विकास, सामुदायिक परिसंपत्तियों के निर्माण तथा आजीविका संवर्धन के नए अवसर भी पैदा करेगी। सरकार का लक्ष्य है कि गांवों में रोजगार, सम्मान और आत्मनिर्भरता का ऐसा वातावरण तैयार किया जाए, जिससे ‘विकसित भारत’ का सपना धरातल पर साकार हो सके।

जिला प्रशासन रायगढ़ द्वारा योजना के सफल क्रियान्वयन को लेकर पिछले चार महीनों से व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जिला प्रशासन एवं जिला पंचायत रायगढ़ के संयुक्त प्रयासों से जिले की ग्राम पंचायतों में लोगों को योजना की जानकारी देने के लिए नवाचारी एवं प्रभावी माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में दीवार लेखन के माध्यम से योजना के प्रमुख प्रावधानों और लाभों को प्रदर्शित किया गया है, वहीं पाम्पलेट वितरण के जरिए प्रत्येक परिवार तक जानकारी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। डिजिटल तकनीक को बढ़ावा देते हुए विशेष क्यू आर कोड जारी किए गए हैं, जिन्हें स्कैन कर ग्रामीण योजना की विस्तृत जानकारी, पात्रता, लाभ एवं आवेदन प्रक्रिया को आसानी से समझ पा रहे हैं।

इसके अतिरिक्त जिले में रैली, चौपाल, रोजगार दिवस, रंगोली प्रतियोगिता तथा ‘सुशासन तिहार’ जैसे जन-भागीदारी आधारित कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इन आयोजनों के माध्यम से ग्रामीणों को योजना से जुड़ने, रोजगार के अवसरों का लाभ उठाने तथा शासन की विभिन्न योजनाओं के प्रति जागरूक किया जा रहा है। मीडिया संवाद, विशेषज्ञ चर्चाओं एवं सामाजिक अभियानों के जरिए भी योजना को लेकर सकारात्मक माहौल तैयार किया गया है। योजना लागू होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी तथा गांवों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा। प्रशासन ने यह भी कहा है कि योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, जवाबदेही और जन-भागीदारी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। 1 जुलाई 2026 से शुरू होने वाला यह मिशन न केवल ग्रामीण भारत के विकास को नई दिशा देगा, बल्कि आत्मनिर्भर गांव और समृद्ध भारत के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। रायगढ़ जिले में इस योजना को लेकर ग्रामीणों में उत्साह का माहौल है और लोग इसे अपने भविष्य से जुड़ी एक बड़ी उम्मीद के रूप में देख रहे हैं।

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