भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला एक्सिओम-4 मिशन के तहत अंतरिक्ष से पृथ्वी पर सुरक्षित लौट आए हैं। उनका ड्रैगन अंतरिक्ष यान सोमवार को कैलिफोर्निया तट के पास प्रशांत महासागर में सफलतापूर्वक स्प्लैशडाउन हुआ। इस मिशन में शुभांशु के साथ अनुभवी अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री और मिशन कमांडर पैगी व्हिटसन, पोलैंड के स्लावोमीर और हंगरी के गैबॉर भी शामिल थे।
हालांकि, अंतरिक्ष से सुरक्षित लौटने के बावजूद शुभांशु शुक्ला डॉक्टरों की निगरानी में हैं। उन्होंने खुद इंस्टाग्राम पर तस्वीरें साझा कर इस बात की जानकारी दी है कि वे डॉक्टर की देखरेख में हैं और रिहैब सेंटर में हैं, जहाँ वे फिर से चलना सीख रहे हैं।

अंतरिक्ष यात्रा का शरीर पर प्रभाव
शुभांशु शुक्ला 18 दिनों तक अंतरिक्ष में थे, जहाँ वे माइक्रोग्रैविटी (सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण) वातावरण में रहे। इसरो (ISRO) ने बताया कि शुभांशु की हालत स्थिर है और एक्सिओम स्पेस के साथ मिलकर इसरो रिहैब प्रोग्राम पर काम कर रहा है, जिसके तहत उनकी शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। शुरुआती स्वास्थ्य जांच में कोई गंभीर समस्या नहीं पाई गई है।
कैप्टन शुक्ला ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में अंतरिक्ष यात्रा के दौरान शरीर पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया:
तरल पदार्थों में कमी: माइक्रोग्रैविटी में शरीर के तरल पदार्थ कम हो जाते हैं।
दिल की गति धीमी: गुरुत्वाकर्षण के अभाव में दिल को सिर तक खून पहुंचाने के लिए अधिक मेहनत नहीं करनी पड़ती, जिससे उसकी गति धीमी हो जाती है।
संतुलन प्रणाली में बदलाव: शरीर की संतुलन बनाए रखने वाली प्रणाली (वेस्टिबुलर सेंस) को नए वातावरण में खुद को ढालना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष में शरीर तेजी से नए माहौल के अनुकूल हो जाता है और अंतरिक्ष यात्री सामान्य महसूस करने लगते हैं। लेकिन जब वे पृथ्वी पर लौटते हैं, तो एक बार फिर ऐसा ही बदलाव होता है। शुभांशु ने जोर दिया कि इन प्रभावों को समझना बेहद जरूरी है ताकि लंबे समय तक चलने वाले अंतरिक्ष अभियानों के लिए समाधान तैयार किए जा सकें।
शुभांशु ने यह भी बताया कि अंतरिक्ष उड़ान के बाद, सीधे चलना जैसी साधारण चीजें भी चुनौती बन जाती हैं। प्रतिक्रिया की गति धीमी हो जाती है और संतुलन बिगड़ जाता है। हालांकि, उन्होंने आश्वस्त किया कि ये सभी बदलाव अस्थायी होते हैं। उन्होंने अपनी स्प्लैशडाउन के ठीक बाद की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “अंतरिक्ष से लौटकर, फिर से चलना सीख रहा हूं।”



