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प्रधानमंत्री मोदी का ऐलान- भारत रूस में दो नए वाणिज्य दूतावास खोलेगा, दोनों देशों के बीच संबंधों को सुगम बनाने, व्यापार और यात्रा को बढ़ावा देने के लिए

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Prime Minister Modi’s announcement- India will open two new consulates in Russia, to facilitate relations between the two countries, promote trade and travel

मॉस्को, नौ जुलाई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को घोषणा की कि भारत ने रूस के साथ व्यापार बढ़ाने के लिए उसके कजान और येकातेरिनबर्ग शहरों में दो नए वाणिज्य दूतावास खोलने का फैसला किया है।
इस समय रूस में भारत के दो वाणिज्य दूतावास सेंट पीटर्सबर्ग और व्लादिवोस्तोक में हैं।

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प्रधानमंत्री ने रूस की अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान यहां भारतीय मूल के लोगों को संबोधित करते हुए कजान और येकातेरिनबर्ग में नए वाणिज्य दूतावास खोलने की घोषणा की।इससे आना-जाना और व्यापार-कारोबार और आसान होगा।

मोदी ने फ्रांस में पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों को दीर्घकालिक वीजा देने के फ्रांस के फैसले का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा, ‘‘हम फ्रांसीसी विश्वविद्यालयों को भारत में अपना परिसर खोलने के लिए आमंत्रित करते हैं।” मोदी ने कहा कि फ्रांस दिल्ली में बन रहे राष्ट्रीय संग्रहालय में साझेदार है। उन्होंने अगले साल पेरिस में होने वाले ओलंपिक खेलों का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय एथलीट इन खेलों को लेकर बहुत उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ मैं खेलों की सफलतापूर्वक मेजबानी के लिए राष्ट्रपति मैक्रों और उनकी टीम को अपनी शुभकामनाएं देता हूं। ”

मोदी ने कहा, ‘‘मैं आप सभी के साथ कुछ अच्छी खबर साझा करना चाहता हूं। हमने कजान और येकातेरिनबर्ग में नए वाणिज्य दूतावास खोलने का फैसला किया है। इससे यात्रा और व्यापार में वृद्धि होगी।’’
कितना अहम है रूस क यिकातेरिन बुर्ग

मौजूदा समय में रूस के सेंट पीटर्सबर्ग और व्लादिवोस्तोक में भारत के दो वाणिज्य दूतावास हैं। कजान और यिकातेरिन बुर्ग में दो नए वाणिज्य दूतावास के साथ इनकी संख्या चार हो जाएगी। बता दें कि यिकातेरिन बुर्ग रूस का चौथा सबसे बड़ा शहर है। यह शहर एक महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्र के रूप में उभरा है। 2018 में इस शहर ने फीफा विश्व कप के चार मैचों की मेजबानी की थी।

नदियों के संगम पर बसा है कजान
अगर कजान शहर की बात करें तो यह वोल्गा और कज़ांका नदियों के संगम पर स्थित है। रूस में इस शहर की सांस्कृतिक और शैक्षिक केंद्र के रूप में पहचान है। इन सबके अलावा एक उभरता आर्थिक केंद्र भी है। बता दें कि अक्टूबर में रूस इसी कजान शहर में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा।

रूस के बाद ऑस्ट्रिया जाएंगे पीएम मोदी

रूस और यूक्रेन युद्ध के बाद पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मॉस्को पहुंचे हैं। रूस के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 जुलाई यानी आज ऑस्ट्रिया जाएंगे। दो दिवसीय अपनी ऑस्ट्रिया की यात्रा के दौरान पीएम मोदी वहां के चांसलर कार्ल नेहमर और राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे।

चार दशक बाद ऑस्ट्रिया की यात्रा करने वाले मोदी भारत के पहले प्रधानमंत्री होंगे। आखिरी बार 1983 बतौर प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने ऑस्ट्रिया की यात्रा की थी।

रूस में भारतीय वाणिज्य दूतावासों की भूमिका

रूस में भारतीय वाणिज्य दूतावास भारतीय नागरिकों का सपोर्ट करने, द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने और भारत-रूस के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. इनमें भारतीय नागरिकों को आपातकालीन सहायता प्रदान करना शामिल है. यह दुर्घटनाओं, बीमारियों या प्राकृतिक आपदाओं जैसी आपात स्थितियों में भारतीय नागरिकों को सहायता प्रदान करते हैं.

रूस में भारतीय वाणिज्य दूतावास व्यापार संबंधों को सुगम बनाते हैं और रूस में भारतीय व्यवसायों का समर्थन करते हैं. इनमें भारत में निवेश के अवसरों को बढ़ावा देते हैं और व्यापार मिशन और व्यवसाय नेटवर्किंग कार्यक्रम आयोजित करते हैं. रूस में भारतीय वाणिज्य दूतावास भारतीय नागरिकों के वेलफेयर सुनिश्चित करने, भारत के सांस्कृतिक और आर्थिक हितों को बढ़ावा देने और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने का काम भी करते हैं.

मॉस्को में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को कहा, “रूस भारत का ‘सदाबहार मित्र’ है. उन्होंने पिछले दो दशकों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के नेतृत्व की सराहना की. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले दो दशकों में भारत-रूस मित्रता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए वह अपने मित्र राष्ट्रपति पुतिन की विशेष सराहना करते हैं.”

प्रधानमंत्री ने कहा कि लंबे समय से दुनिया ने इन्फ्लुएंस ओरिएंटेड वैश्विक व्यवस्था देखी है, लेकिन, दुनिया को अभी जिस चीज की जरूरत है, वह है प्रभाव नहीं बल्कि संगम है और यह संदेश भारत से बेहतर कोई नहीं दे सकता. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि उन्होंने भारत के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए तीन गुना अधिक और तीन गुना गति से काम करने की कसम खाई है.

प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति पुतिन के साथ औपचारिक वार्ता करेंगे, जिसमें आर्थिक मुद्दों और रूसी सेना में भर्ती होने के लिए गुमराह किए गए भारतीयों को रिहा करने के मुद्दे पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा. इसके अलावा, वार्ता में किफायती ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने और मुद्रास्फीति/कीमत वृद्धि को नियंत्रण में रखने पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा. भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में रूस एक महत्वपूर्ण भागीदार है. पिछले साल भारत ने रूस से 80 एमएमटी से अधिक कच्चे तेल का आयात किया था.

किसानों का हित और खाद्य सुरक्षा
रूस आयातित उर्वरकों का एक महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ता बना हुआ है. पिछले साल भारत ने रूस से 48 लाख टन से अधिक उर्वरक आयात किए थे. उर्वरकों की आपूर्ति भारतीय किसानों के लिए महत्वपूर्ण है अक्टूबर से शुरू होने वाले रवि सीजन के दौरान.

हरित वृद्धि और विकास
कुडनकुलम परमाणु पावर प्लांट की 1000 मेगावाट की दो यूनिट पहले से ही चालू हैं. ये रूसी तकनीक पर आधारित हैं, जबकि दो और यूनिट का निर्माण हो रहा है इसलिए, दो नए आगामी परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के लिए दीर्घकालिक ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करने की आवश्यकता है.

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