Teacher Vishnucharan Mahanandia died due to mad dog bite
पुसौर: नगर पंचायत पुसौर के बोरोडिपा चौक में बिते 18 अक्टुवर को एक पागल कुत्ता ने घुम घुम कर 5-6 लोगों को काट कर आहत करने का मामला प्रकाष में आया है जिसमें आहत जनों ने तत्काल पुसौर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में निर्धारित वैक्सीन लिया है। इसमें से बोरोडिपा में निवासरत व घनातराई स्कुल में कार्यरत विश्णुचरण महानंदिया को कुत्ते ने उछल कर सीधे नाक में काटा था जिसमें इसे तुरंत वैक्सीन लगने के बाद भी जहर का असर दिखने लगा जिसमें इसे खाने पीने में स्वाद नहीं आया तथा अन्य परेषानी का अनुभव हुये जिसके कारण उसे बुरला उडीसा हास्पीटल में भर्ती कराया गया। वहा इलाज दौरान बताया गया कि समुचे षरीर में रैबीज फैल चुका है और बचना नामुमकिन है इसलिये अब वापस ले जाओ। वापस लाते समय रास्ते में ही उक्त षिक्षक ने दम तोड दिया इसके बाद भी षिक्षक के परिजनों ने सामुदायिक स्वास्थ्य पुसौर में दिखाना चाहे जिन्हौने बताया कि इसका पोस्टमार्डम होगा जो मेडिकल कालेज में होगा। बहरहाल षिक्षक का अंतिम संस्कार उसके मुल निवासग्राम कोतासुरा में होने की खबर प्रकाष में आया जिसकी पुश्टी क्षेत्रीय जनपद सदस्य भवानी षंकर यादव ने करते हुये कहा कि पागल कुत्ते के काटने से एक युवा षिक्षक की मौत का खबर षायद यह पहला है। इलाज के प्रति इतना जागरूक होने के बाद भी मौत हो जाना समझ से परे है। डाक्टरों का मानना है कि नाक में काटने से जहर मस्तिश्क में जल्दी पहुंच गया इसलिये इसका मौत हो गया वहीं अन्य लोगों को पैर में काटने से उनका स्वास्थ्य अभी गंभीर नही हुआ है। मृतक षिक्षक के षिक्षक साथीयों का कहना है कि कुत्ता काटने के तुरंत बाद सारे वैक्सीन समय पर ही लगाये गये हैं इसके बाद भी 10 दिन के बाद आहत विश्णुचरण महानंदिया पर रैबीज का पुरा प्रभाव दिखने लगा और धीरे धीरे कुत्ते के जहर के गिरफ्त मे आ गया और उसका मौत हो गया ऐसे स्थिति में सवाल ये उठाये जा रहे हैं कि क्या सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पुसौर में रखे हुये वैक्सीन पुराने व गुणवत्तायुक्त नहीं थे जिससे कि षिक्षक की मौत हो गई। इससे पहले कि अन्य आहत लोग इस तरह के षिकार हो जाये, पुसौर स्वास्थ्य विभाग को इसकी जांच करने की जरूरत है।

उपरोक्ताषय पर खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ विनोद नायक ने बताया कि षरीर के मेन पार्ट पर कुत्ते के काटने से जल्दी मस्तिस्क तक जहर फैल जाता है जिससे खतरा बढ जाता है चूंकि लगाये गये वैक्सीन के जरिये एन्टीबायटिक बनने में थोडा समय लगता है वहीं पैर में काटने से जहर मस्तिस्क में लेट पहुंचता है और इस बीच वैक्सीन षरीर को इम्युन दे चुका रहता है इसलिये खतरा टलने की पुरी संभावना रहती है।



