Home छत्तीसगढ़ कबड्डी हमारी परम्परागत खेल का अहम हिस्सा-शिवरतन शर्मा

कबड्डी हमारी परम्परागत खेल का अहम हिस्सा-शिवरतन शर्मा

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सौरभ बरवाड़/भाटापारा- कबड़़्डी हमारी परम्परागत खेल का अहम हिस्सा है। सदियों से देश में कबड्डी को खेल में अहम् स्थान भी हासिल है। सार्क देश की टीम एशिया स्तर पर कबड्डी प्रतियोगिता में भारत अजेय टीम है। यह बाते भाटापारा विधानसभा के बीजराडीह गांव में स्वर्गीय फेकूराम ध्रुव जी एवं स्वर्गीय सुरेश ध्रुव जी की स्मृति में आयोजित कबड़्डी प्रतियोगिता समापन कार्यक्रम में मुख्य आसंदी से प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा शिवरतन शर्मा ने कही।

शिवरतन शर्मा ने इस दौरान खेल में शामिल होने आए सभी खिलाड़ियों को बधाई शुभकामनाएं दी। साथ  ही खुशी जाहिर करते हुए कहा कि हमें क्रिकेट हाकी और फुटबाल की दुनिया में कबडड्डी खेल को फलते फूलते देखकर बहुत खुशी होती है।

शिवरतन शर्मा ने आगे कहा कि इतिहास गवाह है कि भारत की पहचान दुनियां में सदियों से मेहनतकश के रूप में रही है। यह पहचान आज भी कायम है। इसका श्रेय हमारी परम्परागत खेलों को भी जाता है। इसमें से एक खेल कबड्डी भी है। आज भी गांव और शहर में कबड़्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। यह हमारी मनोरंजन परम्परा में सदियों से शामिल है।

शिवरतन शर्मा ने कहा की कबड़डी प्रतियोगिता में बल,चतुरता और फुर्तिलापन को विशेष स्थान हासिल है। और यह भी सब जानते हैं इन तीनों गुणों का मानव जीवन में अहम स्थान है। खुद स्वामी विवेकानन्द कबड़्डी के अच्छे खिलाड़ी हुआ करते थे। शर्मा ने बताया हमें बताने में खुशी है। दक्षिण एशिया में सार्क देशों के बीच कबड़़्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। एशियन गेम्स में कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन हो चुका है। जहां सार्क देशों में भारत हमेंशा से कबड़़डी चैम्पीयन है। वहीं एशियन गेम्स में भारत को कबड्डी प्रतियोगिता में विशेष स्थान हासिल है। उन्होने कहा आज कोरिया चीन और जापान भी कबड़्डी को प्राथमिक खेल कैलेन्डर में शामिल किया है। इसकी मुख्य वजह इस खेल की गति और सोचने समझने की क्षमता को जाता है।

शिवरतन शर्मा ने बताया की हमारी भारतीय जनता पार्टी की सरकार हमेशा खेल,खिलाड़ी और परम्पराओं की पोषक रही है। छत्तीसगढ के कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय कबड़्डी में नेतृत्व कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। इस प्रकार के आयोजन से समाजिक सौर्द्धता को बल मिलता है। सदियों से कबड्डी का हमारी खेल संंस्कृति में विशेष स्थान हासिल है। उम्मीद है यह परम्परा कायम रहेगी।

उक्त अवसर पर राकेश तिवारी, टेकसिंह ध्रुव, भेषकुमार ध्रुव, राजेन्द्र यदु, शिवचरण, अश्वनी, यशवंत खुसरो, रवि,महेन्द्र, चेतन, देवनाथ, रामलाल, संतु ध्रुव, भुवन, देवेंद्र, सोहन, बेदराम, भागवत, संजय, दुलेश, किशुन, गोलू, राजकुमार ,हेमाराम, रोहित, नरसिंह, अरुण,कामता, पवन, जेठू,शंकर, परस, खम्हन,सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।

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