Tributes paid to Pulwama attack on its sixth anniversary, tribute meeting organised at Jai Stambh Chowk
अखिल भारतीय पूर्व सैनिक संगठन ने जयस्तंभ चौक मे अव्यवस्था पर जताई नाराजगी

सौरभ बरवाड़/भाटापारा– है नमन उनकों जो देह को अमरत्व देकर,इस जगत मे शौर्य की जीवित कहानी हो गये,है नमन उनको जिनके सामने बौना हिमालय,जो धरा पर गिर पड़े पर आसमानी हो गये, प्रख्यात कवि कुमार विश्वास की यह मर्म भरी कविता हमारे जवानो के त्याग समर्पण एवं सर्वोच्च बलिदान की मार्मिक अभिव्यक्ति है,देश को झकझोर कर रख देने वाले 14फरवरी 2019 को हुए पुलवामा आतंकी हमला जिसमें देश ने 40से अधिक वीर जवानों भारत माँ के लाडले सपूतों को खोया था,जिसकी टीस और पीड़ा आज भी झलकती है।
जयस्तंभ चौक मे हुआ आयोजन
पुलवामा आतंकी हमले की छठवीं बरसी पर अखिल भारतीय पूर्व सैनिक संगठन द्वारा जय स्तंभ चौक मे श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया,संगठन के जिला अध्यक्ष सुनील तिवारी के नेतृत्व एवं मुकेश शर्मा के संचालन मे आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शहीदों को पुष्प अर्पण के साथ कैंडल जलाकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। उपस्थित जनों द्वारा शहीदों की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करने के साथ ही दो मिनट का मौन रखकर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की गयी,
पीड़ा एवं भर्त्सना के भाव की अभिव्यक्ति
श्रद्धासुमन अर्पण के साथ ही भाव अभिव्यक्ति की कड़ी मे सरयू साहित्य परिषद के अध्यक्ष गौरीशंकर शर्मा, पत्रकार मुकेश शर्मा,अखिल भारतीय पूर्व सैनिक संगठन के जिलाध्यक्ष सुनील तिवारी,आचार्य योगेश शर्मा द्वारा अपने विचार अभिव्यक्त करते हुए आतंकी हमले को कायराना कृत्य एवं काला दिवस के रुप मे व्यक्त करते हुए जमकर भर्त्सना की गयी तथा समस्त जनों द्वारा वीर शहीदों को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गयी,श्रद्धांजलि सभा मे शंकर पुरी गोस्वामी, राज कुमार यदु,धीरेन्द्र वर्मा,छविराम चंद्रवंशी, देवेन्द्र सिंह वर्मा आदि की प्रमुख रुप से उपस्थिति रही।
अव्यवस्था पर जताई गयी नाराजगी
सम्मान के स्थलों मे अव्यवस्था एवं साफ सफाई जैसे आवश्यक पहलुओं की भी उपेक्षा जैसा मसला समय समय पर उठते रहता है तथा पालिका प्रशासन की इस दिशा मे उदासीनता चर्चा का विषय बनती रहती है,जिसकी बानगी पुनः देखने को मिली,कायदे से प्रमुख अवसरों पर इस दिशा मे संजीदगी अवश्य रुप से नजर आनी चाहिए,लेकिन फिर एक बार इसका अभाव नजर आया तथा जयस्तंभ चौक परिसर धूल के परत से ढंकी नजर आयी,जिस पर अखिल भारतीय पूर्व सैनिक संगठन सहित उपस्थित जनों द्वारा अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की गयी,तथा भविष्य मे इस तरह के उपेक्षा पूर्ण रवैये की पुनरावृति न हो इसके बाबत संघर्ष एवं सुचिता स्थापना के लिए प्रयास की बात भी कही गयी।



