*स्कूल भी बदहाल*
शिक्षकों की कमी एवं विभाग द्वारा सुविधाओं की अपेक्षा से आश्रित ग्राम उदई बंद और ग्राम पंचायत अमलडीहा के निवासियों ने शिक्षक और विद्यालय की समस्या को लेकर ज्ञापन सौंपा था ज्ञापन पर अब तक कोई समस्या का हल नहीं निकल पाया।
ग्राम उदयबंद में स्थित शासकीय प्राइमरी स्कूल उदयबंद, जो 1972 से संचालित है, जिसमें 100/ से अधिक बच्चे पढ़ाई करते है जिसमें केवल दो शिक्षक कार्यरत हैं, उनमें से एक शिक्षक पैरालिसिस से प्रभावित है। विद्यालय का मुख्य भवन छप्पर वाला है और अब डिस्मेंटल की स्थिति में पहुंच चुका है। किचन शेड की भी कमी है। इन समस्याओं की जानकारी कई बार उच्च अधिकारियों को दी गई, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं हुआ है। भवन निर्माण के लिए एक बार ग्रामीणों ने हड़ताल भी की थी लेकिन केवल सिर्फ और सिर्फ आश्वासन ही मिला।

अभी भी युक्तिकरण प्रक्रिया में इस स्कूल का नाम रिक्त पदों की सूची में शामिल नहीं किया गया जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। ग्रामीणों द्वारा कलेक्टर से निवेदन किया गया था शासकीय प्राइमरी स्कूल उदयबंद (संकुल कुकुर्दीकला, विकासखण्ड मस्तुरी, जिला बिलासपुर) में सहायक शिक्षक
की नियुक्ति, मुख्य भवन का पुनर्निर्माण, किचन शेड का निर्माण और अधूरा आंगन का पूर्ण निर्माण सुनिश्चित किया जाए। पालकों ने जून 2024 में इस विषय को लेकर स्कूल का घेराव भी किया था, लेकिन अधिकारियों की समझाइश से वह शांत हुए थे। रोष में पालक गण सोमवार से फिर से घेराव कर दिया गया है , और पालकों ने कहा कि जब तक शिक्षक की कमी दूर नहीं करेंगे तब तक बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे।
ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ईश्वर प्रसाद सोन वानी ने कहा कि जल्द ही व्यवस्था कर शिक्षक भेजा जाएगा पालक स्ट्राइक ना करें और अपने बच्चों को स्कूल भेजें
मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया ने कहा कि हमारे कांग्रेस पार्टी के द्वारा जगह जगह इसके विरोध में धरना दे रहे हैं पर सरकार सुध नहीं ले रही है और कहा सरकार की युक्ति युक्त करण व्यवस्था पूरी तरह से ढप नजर आ रही है विष्णु देव सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने के बजाय जगह शराब भट्टी खुलवा रही है यही है भाजपा सरकार की नीति कैसे गढ़ेगा बच्चों का भविष्य।




