A group of travelers from the state will go to Gangasagar for Makar Sankranti.
भाटापारा मे भी आस्था का उमंग नजर आ रहा प्रबल

10जनवरी से प्रारंभ हो रहे गंगासागर यात्रा को लेकर क्षेत्र मे उत्साह की झलक
सौरभ बरवाड़/भाटापारा– तीर्थों एवं दिव्य स्थलों की भूमि भारत जहां पग पग मे आस्था के स्थल विद्यमान है देवभूमि कहे जाने वाले देश मे देवताओं के अवतरण एवं जीवन लीला के प्रसंग चंहुओर नजर आते है,जिन्हे तीर्थों के रुप मे आस्था का उच्च स्थान प्राप्त है,इन तीर्थों का दर्शन एवं यात्रा अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है साथ ही साथ प्रत्येक सनातनी का लक्ष्य जीवन मे कम से कम एक बार इन तीर्थों का दर्शन एवं यात्रा होता है,इन्ही तीर्थों मे एक महत्वपूर्ण तीर्थ है गंगासागर जिसके बारे मे कहा जाता है सारे तीर्थ बार बार गंगासागर सागर एक बार
गंगा मैया के समुद्र से समागम स्थली
सनातन संस्कृति मे अत्यंत पुण्यदायी एवं परम आस्था की प्रतीक गंगा नदी प्रत्येक भारतीय के लिए परम आस्था की प्रतीक है साथ ही साथ मोक्ष की दायनी भी माना जाता है,गंगोत्री से निकलकर गंगा विभिन्न स्थलों से होती हुई सागर मे समाहित हो जाती है समुद्र से समागम की यह स्थली गंगासागर के रुप मे आस्थामय तीर्थ का भव्य रुप प्रकट करती है।
मकर संक्रांति मे लगता है भव्य मेला
वर्ष मे एक बार मकर संक्रांति के अवसर पर सिर्फ एक दिन के लिए गंगासागर सागर मे दिव्य मेला आयोजित होता है जहां श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है गंगासागर मे पुण्य स्नान के लिए इस वर्ष भी 14जनवरी मकर संक्राति के मद्देनजर लोगों का आस्थामय उत्साह गंगासागर यात्रा के लिए नजर आ रहा है,छत्तीसगढ से भी यात्रियों के दल निकलने की रुपरेखा बनती हुई नजर आ रही है इसी कड़ी मे राजेन्द्र तिवारी दुर्ग के नेतृत्व मे रायपुर बिलासपुर धमतरी राजनांदगांव आदि विभिन्न क्षेत्रों से यात्रियों का दल गंगासागर यात्रा के लिए उत्साह पूर्वक शामिल होता हुआ नजर आ रहा है।तथा बड़ी संख्या मे लोगों के बीच यात्रा को लेकर उत्साह एवं उमंग की झलक नजर आ रही है।
भाटापारा से भी बड़ी भागीदारी का दर्शन
धार्मिक आयामों के शहर जहां विभिन्न पर्व एवं उत्सव को लेकर उत्साह एवं उमंग की झलक दिखाई देती है,मकर संक्रांति के अवसर पर 10जनवरी से प्रारंभ हो रहे एवं 19जनवरी को समापन गंगासागर एवं जगन्नाथ पुरी दर्शन यात्रा को लेकर भी क्षेत्र मे उत्साह की झलक स्पष्ट रुप से नजर आ रही है तथा यात्रा को लेकर बड़ी संख्या मे भागीदारी के भी दर्शन हो रहें हैं।



