रायगढ़ । पुलिस और प्रशासन के द्वारा भरसक प्रयास करने के बावजूद जिले में चिटफंड कंपनी के द्वारा रकम दुगुना करने का खेल बंद नहीं हो रहा है । भोलेभाले लोगों को अभी भी मोटी रकम कमाने का लालच देकर उनके खून पसीने की कमाई को धोखे से लूटने का खेल बदस्तूर जारी है । ऐसा ही एक मामला आज रायगढ़ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आया । मामला घरघोड़ा तहसील के ग्राम टेंडा नवापारा, बस्तीपाली के ग्रामीण रविनारायण राठिया ने दर्ज कराया है । पीड़ित का आरोप है कि टेंडा नवापारा के अभिराम गुप्ता, पिता दुष्टीराम गुप्ता ने प्रार्थी को रकम दुगुनी करने का लालच देकर 2011- 12 में चिटफंड कंपनी कोलकाता बियर इंडस्ट्रीज लिमिटेड, रायगढ़ में 1,50,000 रुपए जमा कराए । इस निवेश की परिपक्वता अवधि 2023 के अंतिम महीने में बताई । इसी दौरान वर्ष 2023 की शुरुआत में अभिराम गुप्ता द्वारा शासन प्रशासन में अपनी ऊंची पहुंच का हवाला देते हुए किसी के स्थानांतरण और नौकरी लगाने में सहायता करने की बात प्रार्थी से कही गई। प्रार्थी ने अभिराम गुप्ता पर विश्वास कर अपने चपरासी मामा का स्थानांतरण और स्वयं की नौकरी लगवाने का अनुरोध किया। इसपर अभिराम गुप्ता द्वारा प्रार्थी से समय समय पर नकद और बैंक से आहरण कर 8 लाख रुपए लिया गया । लेकिन काफी समय बीत जाने पर भी ना तो प्रार्थी की नौकरी लगी और ना ही उसके मामा का स्थानांतरण हुआ । इसी बीच चिटफंड कंपनी में लगाई गई राशि की परिपक्वता अवधि भी पूर्ण हो गई । प्रार्थी द्वारा राशि मांगे जाने पर अभिराम गुप्ता के घर पर लगातार ताला बंद मिला । इस पर प्रार्थी को अपने ठगे जाने का एहसास हुआ और उसने इस बाबत घरघोड़ा थाने में शिकायत दर्ज कराई । पर पुलिस द्वारा मामले में धारा 174 बी एन एस लगाकर मामले को पुलिस के हस्तक्षेप के अयोग्य ठहराया गया जिससे प्रार्थी को गंभीर आर्थिक क्षति पहुंची । प्रार्थी ने इस बाबत पुलिस अधीक्षक से घरघोड़ा पुलिस और अभिराम गुप्ता में आपसी सांठगांठ का आरोप लगाया है और कहा है कि पुलिस की निष्क्रियता से आरोपी का दुस्साहस और बढ़ गया है । प्रार्थी ने उचित कार्रवाई की मांग की है । प्रार्थी के अनुसार अभिराम गुप्ता द्वारा अन्य लोगों के साथ भी चिटफंड कंपनी में निवेश के नाम पर छल किया गया है। प्रार्थी ने पूरे मामले की समुचित जांच और अपने लिए न्याय की मांग की है ।




