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5 सूत्रीय मांगों को लेकर 3,500 से अधिक CHOs का स्वास्थ्य भवन घेराव का प्रयास, पुलिस बैरिकेडिंग से रोका गया रास्ता

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नवा रायपुर, 

छत्तीसगढ़ प्रदेश सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संघ के आह्वान पर 05/11/2026 को प्रदेशभर के 3,500 से अधिक सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHOs) अपनी पांच सूत्रीय जायज मांगों को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यालय स्थित स्वास्थ्य भवन का घेराव करने तूता धरना स्थल से रवाना हुए। प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के इस विशाल प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य भवन की ओर जाने वाले मार्ग पर बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया गया।

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संघ के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी जब तूता धरना स्थल से स्वास्थ्य भवन की ओर आगे बढ़े, तो पुलिस प्रशासन ने सर्वप्रथम मुख्य द्वार पर उन्हें रोक दिया। इसके पश्चात प्रदर्शनकारी आगे बढ़े, लेकिन मेन रोड अंडरब्रिज के पास पुनः बैरिकेडिंग कर भारी संख्या में उपस्थित CHOs को रोक दिया गया। इस दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी करते हुए शासन एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन प्रशासन के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया।

आयुक्त सह मिशन संचालक से हुई विस्तृत चर्चा

घेराव कार्यक्रम के पश्चात छत्तीसगढ़ प्रदेश सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त सह मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन छत्तीसगढ़, डॉ. संजीव झा से मुलाकात कर पांच सूत्रीय मांगों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों से जुड़ी विभिन्न प्रशासनिक एवं वित्तीय समस्याओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की।

इस महत्वपूर्ण चर्चा में संघ के प्रांताध्यक्ष श्री प्रफुल्ल कुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष श्री हिरेंद्र कुमार कर, महामंत्री श्री आशीष नन्द एवं श्री अविनाश तिग्गा, प्रांतीय मीडिया प्रभारी श्री हेमंत साहू एवं श्री प्रतीक गुप्ता तथा जिला अध्यक्ष बलौदाबाजार श्री गौतम साहू उपस्थित रहे।

बैठक में संघ द्वारा अपनी पांच सूत्रीय मांगों के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ PLP (Performance Linked Payment) व्यवस्था में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने के लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा एवं सुझाव प्रस्तुत किए गए—

1. कार्य आधारित वेतन का मूल वेतन में समायोजन: अन्य राज्यों की व्यवस्था के अनुरूप कार्य आधारित वेतन (PLP) के कुछ हिस्से को सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के मूल वेतन में संयोजित किया जाए, जिससे आर्थिक सुरक्षा एवं वेतन व्यवस्था में स्थायित्व सुनिश्चित हो सके।

2. जनसंख्या की सीमा निर्धारित करना: जिन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के कार्यक्षेत्र की कुल जनसंख्या 5,000 से अधिक है, उनके लिए PLP पोर्टल में अधिकतम 5,000 की जनसंख्या के आधार पर ही प्रविष्टि एवं मूल्यांकन की व्यवस्था की जाए।

3. कार्यदायित्व के अनुरूप PLP के बिंदु: सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के निर्धारित मूल कार्यदायित्वों के अतिरिक्त PLP में शामिल अनावश्यक एवं अतिरिक्त बिंदुओं को हटाया जाए तथा केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप ही मूल्यांकन के बिंदु निर्धारित किए जाएं।

4. ऑनलाइन एवं ऑफलाइन डाटा की मान्यता: PLP पोर्टल में ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन डाटा को भी मान्य किया जाए, ताकि तकनीकी समस्याओं अथवा नेटवर्क की अनुपलब्धता के कारण CHOs के कार्यों का मूल्यांकन प्रभावित न हो।

5. PBI एवं Team Based Incentive के लिए अलग पोर्टल: PBI (Performance Based Incentive) एवं Team Based Incentive के लिए पृथक-पृथक पोर्टल एवं स्पष्ट दिशा-निर्देश निर्धारित किए जाएं, जिससे भुगतान एवं मूल्यांकन में पारदर्शिता बनी रहे।

6. अन्यत्र ड्यूटी की स्थिति में पूर्ण PLP भुगतान: सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की अन्यत्र स्थान पर ड्यूटी लगाए जाने की स्थिति में भी उनके निर्धारित PLP का पूर्ण भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

7. राज्य स्तरीय दिशा-निर्देशों का पालन: राज्य कार्यालय द्वारा जारी PLP संबंधी निर्देशों का जिला एवं ब्लॉक स्तर पर कड़ाई से पालन कराया जाए। किसी भी जिला अथवा ब्लॉक स्तर के अधिकारी को अपनी मनमानी से अलग गाइडलाइन या नियम बनाने की अनुमति न हो।

8. सुकमा जिले में लंबित वेतन एवं बकाया राशि का भुगतान: सुकमा जिले के एक ब्लॉक में रोके गए सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के मूल वेतन का दो दिवस के भीतर भुगतान किया जाए। साथ ही पूर्व में हुई अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा लंबित बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

9. पूर्व में जारी विवादित आदेश का निरस्तीकरण: अपर संचालक महोदय द्वारा पूर्व में जारी उस आदेश को निरस्त किया जाए, जिससे सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की छवि धूमिल हुई है। इसके स्थान पर तथ्यों एवं वास्तविक कार्यप्रणाली के अनुरूप नया स्पष्ट एवं न्यायसंगत आदेश जारी किया जाए।

10. PLP भुगतान की निश्चित समय-सीमा: प्रत्येक माह कार्य आधारित वेतन का भुगतान एक निश्चित समय-सीमा में सुनिश्चित किया जाए। निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं होने की स्थिति में संबंधित अवधि के उपरांत PLP पोर्टल स्वतः लॉक होने की व्यवस्था की जाए तथा भुगतान में अनावश्यक विलंब करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही निर्धारित की जाए।

संघ के प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि इन सभी बिंदुओं का उद्देश्य सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की कार्यप्रणाली को सरल, पारदर्शी एवं न्यायसंगत बनाना है, ताकि CHOs अनावश्यक प्रशासनिक दबाव से मुक्त होकर ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर सकें।

3–4 वर्षों से इंसेंटिव भुगतान के लिए आंदोलन करने की विवशता

संघ ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रदेश के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को अपनी प्रोत्साहन राशि का समय पर भुगतान प्राप्त करने के लिए पिछले 3–4 वर्षों से लगातार आंदोलन करना पड़ रहा है। राज्य कार्यालय द्वारा प्रत्येक वर्ष एवं समय-समय पर प्रत्येक माह की 10 तारीख तक प्रोत्साहन राशि के सत्यापन एवं भुगतान संबंधी निर्देश जारी किए जाते हैं, लेकिन जिला एवं ब्लॉक स्तर के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इन आदेशों का पालन नहीं किया जाता। राज्य कार्यालय के आदेशों की लगातार अनदेखी होना गंभीर प्रशासनिक चुनौती बन चुका है।

संघ ने इंसेंटिव घोटाले के नाम पर केवल सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को लक्षित कर द्वेषपूर्ण कार्रवाई किए जाने पर भी कड़ी आपत्ति जताई। संघ का कहना है कि प्रोत्साहन राशि संस्थागत प्रदर्शन एवं स्वास्थ्य संकेतकों पर आधारित होती है, इसलिए किसी भी अनियमितता की जांच में संबंधित संस्था के समस्त कर्मचारियों की भूमिका एवं कार्य-विभाजन को शामिल किया जाना चाहिए।

इसके अतिरिक्त उप स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर संपूर्ण संस्था के कार्यों, ऑनलाइन प्रविष्टियों एवं विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों का अतिरिक्त भार केवल CHOs पर डालने, अस्पष्ट TOR तथा विभिन्न जिलों में नौकरी से निकालने की धमकियों को लेकर भी अधिकारियों में भारी आक्रोश है l

संघ के संरक्षक श्री रविंद्र तिवारी एवम प्रदेश अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल कुमार ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में CHOs की महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन उनके जायज अधिकारों, वेतन एवं कार्यदायित्वों से जुड़ी समस्याओं की लगातार अनदेखी स्वीकार्य नहीं है। अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि मांगों का लिखित एवं समयबद्ध निराकरण चाहिए।

संघ ने शासन एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र ठोस निर्णय लेकर उनका निराकरण नहीं किया जाता है, तो आगामी दिनों में प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन आंदोलन प्रारंभ किया जाएगा। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन प्रशासन की होगी।

संघ ने जानकारी दिया है की आयुक्त सह मिशन संचालक श्री संजीव झा जी से हुए सकारात्मक चर्चा के उपरांत आज से समस्त ऑनलाइन रिपोर्टिंग कार्य पुनः प्रारभ किया जाएगा l

जारीकर्ता:
छत्तीसगढ़ प्रदेश सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संघ
छत्तीसगढ़

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