
Raigarh // खाद की किल्लत, अनियमित वितरण और कालाबाजारी रोकने के लिए कृषि विभाग में उर्वरक बिक्री की नई डिजिटल व्यवस्था लागू कर दी गई है। अब किसानों को यूरिया, डीएपी, सुपर सहित अन्य उर्वरक लेने के लिए पहले मोबाइल ऐप के माध्यम से बुकिंग कर ई-टोकन / QR कोड प्राप्त करना होगा, प्राप्त कोड खाद दुकान पर स्कैन कराने के बाद ही खाद मिलेगी। यह बुकिंग / QR कोड, बुकिंग के 48 घंटे के भीतर कर कोड स्कैन नहीं अथवा उठाव नहीं करने पर बुकिंग निरस्त हो जाएगा।

रबी सीजन 2026-27 के लिए गुरुवार दिनांक 5.11.2026 से फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल (FFS) सॉफ्टवेयर के जरिए यह व्यवस्था शुरू की गई है। किसान आधार कार्ड या फार्मर आईडी से मोबाइल ऐप पर लॉगिन कर घर बैठे खाद की प्री बुकिंग कर सकते हैं। यह ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। जिन किसानों को मोबाइल ऐप से टोकन बनाने में परेशानी हो, वे कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से भी यह सुविधा प्राप्त कर सकते हैं।
नई व्यवस्था में केवल किसानों की बुकिंग ही नहीं बल्कि खाद के पूरे कारोबार पर डिजिटल निगरानी रखी जाएगी। विक्रेताओं के पास उपलब्धता, बिक्री और बचत मात्रा का रिकॉर्ड सॉफ्टवेयर में दर्ज होगा। इससे यूरिया, डीएपी, एसएसपी, एमओपी और एनपीके सहित सभी प्रमुख उर्वरकों की उपलब्धता का आकलन किया जा सकेगा। कृषि विभाग मांग और आपूर्ति के अनुसार वितरण की समीक्षा भी कर सकेगा।
इस नवीन व्यवस्था के संचालन के लिए कृषि विभाग और सहकारी समितियों के कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। गुरुवार दिनांक 5.11.2026 को मोबाइल ऐप के माध्यम से किसानों को ई-टोकन जारी किए जाने हेतु सेवा सहकारी समिति लोंइंग विकासखंड रायगढ़ एवं सूरज इंटरप्राइजेज रायगढ़ में इस प्रक्रिया का सफल संचालन कर खाद विक्रय कराया गया है। उप संचालक कृषि द्वारा खाद की बुकिंग और खरीदी करने के लिए नई पद्धति का उपयोग करने हेतु किसानों से अपील की गई है।



