IAS Puja Khedkar violated traffic rules, fined ₹27,000, Pune trainee IAS Puja Khedkar who installed a red light on her Audi transferred
IAS Pooja Khedkar Controversy: ट्रेनी आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. स्पेशल ट्रीटमेंट जैसे पुणे में बंगला, लाल-नीली बत्ती वाली ऑडी कार और विशेष ऑफिस की मांग को लेकर मीडिया की सुर्खियों में आई पूजा खेडकर पर ट्रैफिक पुलिस के कई चालान बकाया हैं. पूजा जिस ऑडी कार का इस्तेमाल करती है उस पर हाई स्पीड और रेडलाइट जंप सहित लगभग 27,000 रुपये के चालान हैं.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रैनी आईएएस पूजा खेडकर को पुणे की ट्रैफिक पुलिस की ओर से नोटिस मिला है. पूजा को गैरकानूनी तरीके से गाड़ी पर लाल बत्ती का इस्तेमाल करने और गाड़ी पर महाराष्ट्र सरकार की पट्टी लगाने के लिए नोटिस जारी किया गया है. बताया जा रहा है कि गाड़ी की जांच के दौरान और भी कई खुलासे हुए हैं. पूजा जिस ऑडी कार का इस्तेमाल करती है वह एक प्राइवेट कंपनी- थर्मोवेरिटा इंजीनियरिंग प्राइवेट कंपनी के नाम रजिस्टर्ड है. यह कार जून, 2012 में रजिस्टर की गई थी. इतना ही नहीं इस गाड़ी पर तेज रफ्तार और लाल बत्ती क्रॉसिंग जैसे ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन के 21 मामले दर्ज हैं. इन तमाम मामलों को लेकर ट्रैफिक पुलिस ने 27 हजार रुपये का जुर्माना लगाया हुआ है.
पुणे के एसीपी मनोज पाटिल ने बताया कि आईएएस द्वारा इस्तेमाल की जारी ऑडी कार पर 2022 से ट्रैफिक चालान पेंडिंग हैं.
एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, पुणे पुलिस प्रोबेशनरी आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर द्वारा इस्तेमाल की गई ऑडी कार के खिलाफ कार्रवाई करेगी, जिन्हें हाल ही में अपने पद का दुरुपयोग करने के आरोपों के बाद पुणे से महाराष्ट्र के वाशिम जिले में स्थानांतरित किया गया है। पुणे पुलिस गुरुवार को पुणे में प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी के आवास पर पहुंची। पुणे के पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने एएनआई से बात करते हुए कहा, “हम कार्रवाई करने के लिए यहां हैं। गेट बंद है, लेकिन इसके खुलने के बाद हम जांच को आगे बढ़ाएंगे। पुणे पुलिस मोटर वाहन अधिनियम के तहत प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर द्वारा इस्तेमाल की गई ऑडी कार की जांच करेगी।”
उन्होंने कहा, “निजी कार पर लाल बत्ती का इस्तेमाल करना यातायात नियमों का उल्लंघन है। पुलिस कार पर लंबित चालान भी वसूलेगी।” पुणे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी शफील पठान ने कहा, “हम मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार कार्रवाई करेंगे। उस कार पर 21 चालान लंबित हैं…हम व्हाट्सएप पर नोटिस भेजेंगे और उनसे संपर्क करने की कोशिश करेंगे…निजी कार में महाराष्ट्र सरकार लिखना गैरकानूनी है। हमें कार नहीं मिली है.. .” संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 821वीं रैंक हासिल करने वाली प्रोबेशनरी आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर पर अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया है।
पिछले हफ्ते आई सुर्खियों में
महाराष्ट्र कैडर की ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर की लाल-नीली बत्ती वाली ऑडी कार की तस्वीर इंटरनेट पर वायरल होने के बाद वह सुर्खियों में आई थी. बताया जा रहा है कि पूजा ने यूपीएससी एग्जाम के लिए दो बार में दो तरह के दिव्यांग प्रमाणपत्र दिए थे. पूजा ने 3 जून को पुणे कलेक्ट्रेट में प्रोबेशनरी असिस्टेंट कलेक्टर के रूप में ज्वॉइन किया था.
पूजा की लगातार बढ़ती वीआईपी मांगों को लेकर जिलाधिकारी सहास दिवसे ने उनके खिलाफ कार्रवाई की है. पूजा खेडकर ने अपने वरिष्ठ अधिकारी की गैर हाजिरी में उनका ऑफिस कब्जा लिया था. अधिकारी का सामान निकलवाकर ऑफिस से बाहर रखवा दिया था. ऑफिस के बाहर अपने नाम की पट्टी लगा दी. इतना ही नहीं पूजा ने राजस्व सहायक से अपने नाम का लेटर हेड, विजिटिंग कार्ड, पेपरवेट, राष्ट्रीय ध्वज, मुहर और इंटरकॉम की सुविधा की मांग की थी. पूजा ने अपने लिए घर और सरकारी वाहन की भी डिमांड की थी. जबकि एक ट्रेनी अधिकारी को यह सब सुविधाएं नहीं मिलती हैं.
एक अधिकारी ने कहा कि पूजा खेडकर ने ओबीसी और दृष्टिबाधित कैटेगरी के तहत सिविल सेवा परीक्षा दी थी, उन्होंने मानसिक बीमारी का प्रमाण पत्र भी जमा किया था. अप्रैल 2022 में उन्हें अपनी दिव्यांगता की पुष्टि के लिए दिल्ली AIIMS में मेडिकल टेस्ट कराने के लिए कहा गया था, हालांकि पूजा खेडकर ने 6 अलग-अलग मौकों पर इन परीक्षाओं में शामिल होने से इनकार कर दिया. बाद में उन्होंने एक निजी केंद्र से एक MRI स्कैनिंग प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया.
ट्रेनी IAS अधिकारी की मांगों पए बवाल
पुणे कलेक्टर सुहास दीवसे की ओर से सामान्य प्रशासन विभाग को सौंपी गई एक रिपोर्ट के अनुसार, 3 जून को ड्यूटी पर आने से पहले ही खेडकर ने बार-बार मांग की थी कि उन्हें एक अलग केबिन, वीआईपी नंबर प्लेट वाली आधिकारिक कार, आवासीय क्वार्टर और एक कांस्टेबल प्रदान किया जाए. उन्हें बताया गया कि वे प्रोबेशन पीरियड पर इन सुविधाओं की हकदार नहीं हैं, और उन्हें आवास प्रदान किया जाएगा.



