Police busted fake call center, cheated American people sitting in Delhi, 12 arrested, know the whole matter
दिल्ली पुलिस ने एक साइबर कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है जहां से जालसाज विदेश में बैठे लोगों के साथ धोखाधड़ी और ठगी कर रहे थे। बाहरी जिले की एटीएस टीम ने एक महिला समेत 12 आरोपियों को इस मामले में गिरफ्तार किया है।
आरोपी अमेरिका में बैठे लोगों के साथ ऐप्स बीएसओडी, गूगल वॉयस, ब्राउजर लॉगइन, माइक्रो एसआईपी के जरिए नेट कॉलिंग करते थे और फिर ठगी करते थे। आरोपी अमेरिकी लोगों के सिस्टम को ब्लॉक कर देते और फिर मदद के लिए कॉल करते। इसके बाद ठगी का असली खेल शुरू होता।
आरोपी ठगी के लिए लोगों के सिस्टम को एनीडेस्क पर लेते और पीड़ित को साइबर हैकिंग को रोकने के लिए अपने खाते की सुरक्षा की धमकी देते। इसके अलावा, आरोपी पीड़ितों को नकदी के वाउचर कूपन का लालच भी देते थे।
पुलिस ने गुप्त सूचना पर मारी गई थी रेड। बाहरी जिले के एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड को गुप्त सूचना मिली थी कि एक साइबर धोखाधड़ी कॉल सेंटर चल रहा है। उन्होंने टीम बनाई और पश्चिम विहार इलाके में छापेमारी की और 1 महिला समेत 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें से 16 लैपटॉप, 12 लैपटॉप चार्जर, 02 वाईफाई राउटर, 9 हेडफोन, और 03 मोबाइल फोन बरामद किए गए। फिर पुलिस ने पश्चिम विहार पुलिस थाने में मामला दर्ज किया और सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। अब जांच जारी है।

पुलिस ने गुप्त सूचना पर मारी थी रेड
पुलिस ने बताया कि 9 मई को बाहरी जिले के एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड के कार्यालय (पश्चिम विहार) को एक साइबर धोखाधड़ी कॉल सेंटर चलने के संबंध में एक गुप्त सूचना मिली. सूचना मिलते ही एक टीम का गठन किया गया. टीम ने पश्चिम विहार इलाके में छापेमारी कर 01 महिला समेत 12 लोगों को पकड़ा. उनकी गिरफ्तारी के साथ ही उनके कब्जे से कुल 16 लैपटॉप, 12 लैपटॉप चार्जर, 02 वाईफाई राउटर, 9 हेडफोन और अपराध में प्रयुक्त 03 मोबाइल फोन सहित कुल 13 मोबाइल फोन बरामद किए गए.
इसके बाद, पीएस पश्चिम विहार वेस्ट में मामला दर्ज किया गया. मामले में सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया और सभी बरामदगी जब्त कर ली गई. पुलिस के मुताबिक आगे की जांच जारी है.
इस तरह करते थे ठगी
आरोपी ठगी के लिए लोगों के सिस्टम को एनीडेस्क पर लेते थे और पीड़ित को साइबर हैकिंग को रोकने के लिए अपने खाते की सुरक्षा की धमकी देते थे और पैसे ऐंठ लेते थे. इतना ही नहीं आरोपी पीड़ितों को नकदी के वाउचर कूपन का लालच भी देते थे.



